नई दिल्ली। दिल्ली की दुर्दशा के लिए आम आदमी पार्टी को जिम्मेदार बताते हुए भारतीय जनता पार्टी ने दिल्ली सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। बीजेपी नेताओं का आरोप है कि आज भ्रष्टाचार दिल्ली की केजरीवाल सरकार की पहचान बन गया है। साल 2023 में केजरीवाल सरकार स्वच्छता, लैंडफिल साइट्स क्लीयरेंस, प्रदूषण, स्वास्थ्य, शिक्षा और सार्वजनिक परिवहन समस्याओं के समाधान में भी पूरी तरह विफल साबित हुई है। इसके साथ ही भाजपा ने अयोध्या के राम मंदिर में होने वाले प्राण प्रतिष्ठा समारोह के निमंत्रण पर विवाद खड़ा करने के लिए भी केजरीवाल सरकार के मंत्री सौरभ भारद्वाज की निंदा की है। दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने 2023 में राजधानी को विकास के मामले में पूरी तरह से विफल रही है। आज भ्रष्टाचार दिल्ली की स्थानीय सरकार की पहचान बन गया है। साल 2015 से 2022 तक हमने हमेशा अरविंद केजरीवाल को यह कहते हुए सुना है कि जिस दिन दिल्लीवासी उन्हें दिल्ली नगर निगम में सत्ता देंगे, वे दिल्ली को सर्वश्रेष्ठ शहर में बदल देंगे, लेकिन एक साल बाद दिल्ली भारत के सबसे खराब महानगर के रूप में सामने खड़ी है। वीरेंद्र सचदेवा के मुताबिक दिल्ली वालों ने एमसीडी चुनाव में आम आदमी पार्टी के नारे अच्छे होंगे 5 साल, एमसीडी में भी केजरीवाल पर भरोसा कर उन्हें जिताया, लेकिन दिल्ली सरकार और एमसीडी दोनों में केजरीवाल के सत्ता में आने के एक साल बाद दिल्ली शहर निराशाजनक स्थिति में है। केजरीवाल ने एक साल में 3 लैंडफिल साइटों को साफ  करने का वादा किया था, लेकिन आज गाजीपुर लैंडफिल साइट पर कूड़े का एक नया पहाड़ खड़ा हो गया है, जबकि महरौली में संजय वन के कुछ हिस्सों को उन्होंने नई कूड़ा डंपिंग साइट में बदल दिया है। दिल्ली भर में स्वच्छता की स्थिति आज सबसे खराब स्थिति में है। पूरे शहर में सड़कों के किनारे कूड़े के ढेर देखे जा सकते हैं। धूल प्रदूषण के कारण प्रदूषण की स्थिति इतनी खराब है कि  31 दिसंबर को दिल्ली के विभिन्न अवलोकन केंद्रों पर एक्यूआई स्तर 390 से 422 के बीच दर्ज किया गया है। धूल प्रदूषण एक स्थानीय कारक है और यह खराब रखरखाव वाली पीडब्ल्यूडी और एमसीडी सड़कें हैं जो बढ़ते धूल प्रदूषण के लिए जिम्मेदार हैं।