मोहब्बत ना मिली तो आंसुओं से बना झरना? पांच बहनों की अधूरी कहानी आज भी बहती है पानी में
गर्मियों के मौसम में अगर झरने के पास जाने का मौका मिल जाए तो ऐसा लगता है मानो जन्नत में पहुंच गए हों. तपती गर्मी में राहत पाने के लिए लोग न सिर्फ पहाड़ों का रुख करते हैं. बल्कि, झरनों में भी उतना ही जाना पसंद करते हैं. आज हम आपको एक ऐसे अनोखे झरना स्थल के बारे में बताएंगे जहां एक साथ पांच धाराएं बहती हैं. झरने को लेकर स्थानीय लोगों की मान्यता है कि यहां पांच बहनों ने एक साथ सुसाइड कर लिया था.
दरअसल, पांचों बहनें एक ही लड़के से प्यार करती थीं. जब उन्हें इस बात का पता चला तो पांचों बहनों ने झरने में कूदकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली. इसी के बाद से यहां पांच धाराएं बहने लगीं. जबकि, पहले एक ही धारा बहती थी. इस झरने का नाम है पंचघाग फॉल. पंचघाघ जलप्रपात एक बेहद सुंदर और प्राकृतिक स्थल है, जो अपनी अनूठी विशेषताओं के लिए जाना जाता है. यह झरना घने जंगलों और पहाड़ों से घिरा हुआ है, जो इसे और भी आकर्षक बनाता है.
खूंटी जिले में है यह फॉल
पंचघाघ वाटरफॉल झारखंड के खूंटी जिले में स्थित है, जो रांची से लगभग 57 किमी दूर है. यह खूंटी से चाईबासा जाने वाली सड़क पर पड़ता है और खूंटी से इसकी दूरी करीब 14 किमी है. रांची से सिमडेगा जाने वाले रास्ते में भी यह झरना दिखाई देता है. इस जलप्रपात की ऊंचाई करीब 600 मीटर (लगभग 2 हजार फीट) है, और इसके चारों ओर साल, बांस, और पलाश के घने वृक्षों का घेरा है. यह हरा-भरा वातावरण पर्यटकों को बहुत पसंद आता है
झरने से गिरने वाला पानी बेहद साफ और स्वच्छ होता है. क्योंकि इसमें मिट्टी की मिलावट नहीं होती. झरने के आसपास का इलाका चट्टानी है, जहां भूरे रंग के पत्थर बिखरे हुए हैं. ये पत्थर इस क्षेत्र की सुंदरता को और भी बढ़ा देते हैं. पंचघाघ जलप्रपात की यह प्राकृतिक बनावट और इसके आसपास का शांत माहौल इसे पर्यटकों के लिए एक आदर्श स्थान बनाता है.
पर्यटकों की पसंदीदा जगह
हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक पंचघाघ जलप्रपात पर आते हैं, खासकर अपने दोस्तों और परिवार के साथ यहां सुरक्षा का खास ध्यान रखा जाता है, और भारतीय जवान हमेशा तैनात रहते हैं. हालांकि, इलाके की पथरीली जमीन और गहरे गड्ढों की वजह से सावधान रहना जरूरी है. जलप्रपात का बहाव तेज हो सकता है, इसलिए नहाने के लिए स्वीमिंग पूल का निर्माण किया गया है. चढ़ने-उतरने के लिए सीढ़ियों का उपयोग करें. पंचघाघ जलप्रपात की यात्रा के लिए सुबह 8 बजे से शाम 7 बजे तक का समय सुरक्षित रहता है, क्योंकि यह जंगलों के बीच स्थित है.
झरने के पास एक व्यूप्वाइंट है, जहां से झरने की सुंदरता को अच्छे से देखा जा सकता है. झरने के ठीक सामने एक सुंदर तालाब भी है. जो इसकी खूबसूरती को और बढ़ाता है. तालाब में लोग नहाते हैं, और आप भी यहां नहा सकते हैं.

शकरकंद के फायदे जानकर चौंक जाएंगे, सेहत के लिए बेहद लाभकारी
Delhi-NCR में बारिश और ओलावृष्टि, अचानक बदला मौसम का मिजाज
टिकट के बदले पांच करोड़ मांगने का आरोप, मनोज तिवारी ने मचाई सियासी हलचल
RR की बिक्री को लेकर विवाद गहराया, काल सोमानी ग्रुप ने लगाए आरोप
70 साल के हाजी खलील ने चौथा निकाह कर फिर मचाई चर्चा
United States का Beijing पर दबाव, टैरिफ पर सख्त रुख
कार्यकर्ताओं पर भी कार्रवाई होगी, भाजपा ने दिए कड़े संकेत
मुख्यमंत्री के 'सुशासन' संकल्प से आ रहा बदलाव
एक्सप्रेसवे पर भीषण सड़क हादसा, ओवरटेक के दौरान 5 लोगों की दर्दनाक मौत
अधिक वजन वाली महिलाओं में बढ़ता है फाइब्रॉइड का खतरा