अक्षय तृतीया पर भूलकर भी ये सामान घर न लाएं, साथ में आएगी आर्थिक तंगी, मां लक्ष्मी होंगी नाराज!
हिंदू धर्म में अक्षय तृतीया बेहद शुभ तिथि मानी गई है. इसमें किसी शुभ कार्य के लिए शुभ मुहूर्त विचारने की जरूरत नहीं पड़ती. यही वजह है कि इस दिन लोग बड़ी संख्या में नए सामान या सोना-चांदी की खरीदारी करते हैं. ये भी मान्यता है कि अक्षय तृतीया पर खरीदे गए सामान का क्षय नहीं होता, वहीं देवी लक्ष्मी भी प्रसन्न होती है. लेकिन, कई बार अनजाने में लोग कुछ ऐसी सामग्री भी खरीद लेते हैं, जो बड़ा नुकसान करा देती है.
वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि पर अक्षय तृतीया मनाई जाएगी. इस साल 30 अप्रैल को अक्षय तृतीया है. इस दिन भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी और धन के देवता कुबेर की पूजा करनी चाहिए. घर में धन-धान की वृद्धि होती है. माता लक्ष्मी स्वयं उस घर में पास करती हैं. वहीं, शुभ वस्तुएं और सोने की खरीदारी करनी चाहिए.
भूलकर भी ये चीजें न खरीदें
नुकिली वस्तुएं: ज्योतिषाचार्य के अनुसार, अक्षय तृतीया के दिन नुकीली वस्तुएं जैसे चाकू, सुई, टांगा, इत्यादि बिल्कुल नहीं खरीदना चाहिए. इससे माता लक्ष्मी रुष्ट हो सकती हैं. घर में पारिवारिक कलह बढ़ सकती है, मन अशांत रहेगा.
लोहा या एल्युमिनियम की वस्तु: अक्षय तृतीया पर आभूषण की खरीदारी करना शुभ माना जाता है. लेकिन, लोहा और एल्युमिनियम की वस्तुएं भूलकर भी न खरीदें. उनकी जगह पीतल, तांबा, सोना, चांदी इत्यादि चीजों के बर्तन खरीदें.
काले रंग की वस्तु: काला रंग तामसिक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है. अक्षय तृतीया शुभ और सौभाग्य का प्रतीक होता है. इसलिए शुभ दिन में तामसिक पूजा का प्रतीक माने जाने वाले काले रंग की वस्तुएं बिल्कुल भी न खरीदें.
कांटेदार पौधा: अगर अक्षय तृतीया के दिन आप कांटेदार पौधे खरीदते हैं तो घर में वास्तु दोष का कारण भी बन सकता है. लक्ष्मी नाराज हो सकती हैं. आर्थिक तंगी भी आ सकती है.
लकड़ी से बनी वस्तु: ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि अक्षय तृतीया के दिन लकड़ी से बनी वस्तु बिल्कुल न खरीदें. यह शुभ नहीं माना जाता है.

पश्चिम बंगाल में 15 मतदान केंद्रों पर दोबारा वोटिंग का आदेश
राजस्थान को "अष्टम पोषण पखवाड़ा" में देश में फिर से मिला प्रथम स्थान
अन्तरराष्ट्रीय श्रम दिवस के अवसर पर विशेष जागरूकता शिविर का आयोजन
चुनाव नतीजों के बाद बड़ा एक्शन, Ratna Ghosh पूछताछ के लिए तलब
राज्यपाल बागडे ने लोकभवन में स्व-गणना के माध्यम से "जनगणना 2027" की प्रक्रिया का औपचारिक शुभारंभ किया
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने स्व-गणना में लिया भाग
60 यात्रियों से भरी बस पलटी, बुद्ध पूर्णिमा पर गंगा स्नान जा रहे थे श्रद्धालु
क्रूज दुर्घटना: राहत कार्य में सहयोग करने वालों को सीएम करेंगे सम्मानित
मुख्यमंत्री ने रोते-बिलखते परिवार को दी ढांढस, कहा- सरकार साथ है