मां स्कूल में रसोईया, बेटा बना अफसर: झारखंड के डिलीवरी बॉय राजेश रजक की सफलता की अनूठी कहानी
झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा- 2023 में कुल 342 अभ्यर्थी सफल हुए हैं, जिसमें एक ऐसा भी अभ्यर्थी है, जो कभी घर-घर जाकर डिलीवरी बॉय का काम करता था. इस अभ्यर्थी का नाम राजेश रजक है, जो अब झारखंड में अधिकारी बनकर लोगों की समस्याओं को दूर करेगा. राजेश रजक ने जेपीएससी परीक्षा में 271वीं रैंक हासिल की है. राजेश का चयन झारखंड जेल सेवा में काराधीक्षक के पद पर हुआ है.
हजारीबाग जिले के बरकट्ठा प्रखंड अंतर्गत केंदुआ गांव के रहने वाले राजेश रजक ने सफलता की एक ऐसी कहानी लिख दी है, जो लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है. आर्थिक तंगी और संसाधनों के अभाव में डिलीवरी बॉय का काम करते हुए राजेश रजक ने जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा- 2023 में 271 रैंक लाई. अब वह झारखंड जेल सेवा के अधिकारी बन गए हैं. राजेश रजक की सफलता से उनके परिवार के लोग नहीं, बल्कि पूरे प्रखंड के लोग आज गौरवान्वित महसूस कर रहे हैंट
राजेश का बड़ा भाई मजदूर, मां सरकारी स्कूल में रसोईया
वर्ष 2017 में राजेश रजक के पिता का निधन हो गया था, जब वह 12वीं कक्षा में पढ़ाई कर रहे थे. पिता का साथ छूटने के बाद घर की आर्थिक स्थिति दयनीय हो गई. राजेश के बड़े भाई मुंबई में मजदूरी का काम करने लगे, जबकि उनकी मां जानकी देवी गांव के ही सरकारी स्कूल में रसोईया का काम करने लगीं, ताकि घर की आर्थिक स्थिति सुधर सके. राजेश ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गांव के ही सरकारी स्कूल से हासिल की, जबकि 12वीं से लेकर स्नातक तक की शिक्षा हजारीबाग से ली.
रांची में डिलीवरी बॉय की नौकरी की
अपनी पढ़ाई के साथ-साथ परिवार की जरूरत को पूरा करने के लिए राजेश रजक रांची में डिलीवरी बॉय की नौकरी करने लगे. रांची के ही एक लॉज में रहकर वह कंपटीशन की तैयारी करने लगे. इसी बीच 7वीं से 10वीं जेपीएससी के विज्ञापन निकलने के बाद उन्होंने पहली बार जेपीएससी के लिए अटेंप्ट लिया. हालांकि प्रारंभिक परीक्षा तो पास कर ली, लेकिन मुख्य परीक्षा में असफल हो गए.
इसके बाद झारखंड के अलग-अलग कंपटीशन का फॉर्म भरते रहे, लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी. बार-बार मिल रही असफलताओं और आर्थिक तंगी से जूझ रहे राजेश रजक का हिम्मत और हौसला कम नहीं हुआ. इसी का परिणाम है कि झारखंड लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा- 2023 की फाइनल मेरिट लिस्ट में उनका नाम आया. उन्हें 271वां स्थान प्राप्त हुआ. उनका चयन झारखंड जेल सेवा के लिए हुआ है.

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