बच्चों में सीखने की ललक बढ़ाने के लिये शिक्षक प्राप्त करते रहें नई-नई जानकारी: केन्द्रीय शिक्षा मंत्री प्रधान
भोपाल : केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने कहा है कि बच्चों के व्यक्तित्व का बहुआयामी विकास हो, इसके लिये जरूरी है कि उन्हें मातृभाषा में पढ़ने के लिये प्रेरित किया जाएं। उन्होंने कहा कि बच्चों को पढ़ाई गई बातें समझने में मातृभाषा ज्यादा कारगर होती है। नई शिक्षा नीति में मातृभाषा में अध्ययन को प्राथमिकता दी गई है। केन्द्रीय शिक्षा मंत्री प्रधान रविवार को भोपाल के शासकीय कमला नेहरू सांदीपनि विद्यालय टी.टी. नगर के निरीक्षण के बाद शिक्षकों से चर्चा कर रहे थे। इस मौके पर उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार और विधायक भगवानदास सबनानी भी उनके साथ थे।
केन्द्रीय शिक्षा मंत्री प्रधान ने सांदीपनि विद्यालय की कक्षाओं में जाकर बच्चों से संवाद किया। उन्होंने बच्चों की पाठ्यपुस्तकों को देखा और बच्चों से पढ़ाई के संबंध में बात की। मंत्री प्रधान के विद्यालय पहुँचने पर छात्राओं ने बैंड की धुनों पर उनका स्वागत किया। उन्होंने आर्ट गैलरी, पुस्तकालय, बच्चों की मार्शल आर्ट 'वुशु' के अभ्यास को देखा और विद्यालय के म्यूजिक रूम का भ्रमण किया। उन्होंने बच्चों द्वारा देशभक्ति गीत पर प्रस्तुत धुनों को सुना और उसकी प्रशंसा की। मंत्री प्रधान विद्यालय की अटल टिकरिंग लैब में भी गए। वहां उन्होंने बच्चों द्वारा बनाए गए साइंस मॉडल के बारे में जानकारी प्राप्त की। साइंस मॉडल और रोबोटिक्स लैब के उपकरणों के बारे में भी जानकारी प्राप्त की। मंत्री प्रधान ने विद्यालय के ऑडिटोरियम को भी देखा और उन्होंने शिक्षकों से कहा कि वे बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ विभिन्न खेलकूद, संगीत और साहित्यिक गतिविधियों के प्रति भी प्रेरित करें। केन्द्रीय शिक्षा मंत्री प्रधान ने कहा कि बच्चों को पोषण आहार मिले, इसके लिये जन-भागीदारी के प्रयास किये जायें।
पालकों से संवाद
मंत्री प्रधान ने पालकों से भी संवाद किया। उन्होंने कहा कि पालक निरंतर स्कूल पहुँचकर बच्चों के बारे में जानकारी प्राप्त करते रहें। पालकों और शिक्षकों के समन्वय से ही बच्चों का सम्पूर्ण विकास हो सकेगा। उन्होंने शिक्षकों को प्रारंभिक कक्षाओं में पढ़ने वाले बच्चों के शैक्षणिक अध्ययन पर गहन निगरानी रखने की समझाइश दी। मंत्री प्रधान ने विद्यालय की विजिटर्स बुक पर लिखा कि अगले सत्र में इस विद्यालय की छात्राएं जेईई एवं नीट परीक्षा में चयनित हों इसके लिये शिक्षक सामूहिक रूप से प्रयास करें।
ई-अटेंडेंस के मिल रहे हैं बेहतर परिणाम
आयुक्त लोक शिक्षण शिल्पा गुप्ता ने बताया कि शिक्षा की गुणवत्ता के लिये प्रदेश में हमारे शिक्षक ऐप के माध्यम से ऑनलाइन ई-अटेंडेंस प्रारंभ की गई है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप 799 स्कूलों को मॉडल स्कूलों में बदला जा रहा है। उन्होंने पीएमस्कूल और सांदीपनि विद्यलाय के बारे में भी जानकारी दी। आयुक्त गुप्ता ने बताया कि सांदीपनि विद्यालय के बच्चों को विद्यालय तक लाने के लिये नि:शुल्क परिवहन सेवा उपलब्ध कराई गई है। स्कूलों में बच्चों को डिजिटल शिक्षा दिये जाने की व्यवस्था की गई है। प्राचार्य कमला नेहरू संगीता सक्सेना ने बताया किविद्यालय की स्थापना 1958 में हुई थी। वर्तमान में इस विद्यालय में कक्षा अरूण (के.जी.-1) से लेकर कक्षा 12 तक करीब 1500 छात्राओं को उच्च स्तर की शिक्षा दी जा रही है। निरीक्षण के दौरान राहुल कोठारी, पार्षद आरती अनेजा भी साथ थी।

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