जल जीवन मिशन को नई रफ्तार, केंद्र से 8 हजार करोड़ की उम्मीद; 1.15 करोड़ घरों तक नल-जल लक्ष्य
भोपाल|केंद्रीय बजट के बाद मध्य प्रदेश में ‘हर घर नल से जल’ योजना को नई गति मिलने की उम्मीद है. जल जीवन मिशन के तहत केंद्र सरकार से करीब 8 हजार करोड़ रुपये मिलने की संभावना जताई जा रही है. इससे प्रदेश में पाइपलाइन आधारित पेयजल परियोजनाओं को तेजी से पूरा किया जा सकेगा|
बजट प्रावधान और लक्ष्य
केंद्र सरकार ने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए जल जीवन मिशन हेतु 67,300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है. वहीं राज्य सरकार ने भी अपने बजट में 4 हजार करोड़ रुपये से अधिक राशि इस योजना के लिए निर्धारित की है. सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2026 तक प्रदेश के सभी 1.15 करोड़ घरों तक पाइपलाइन के जरिए शुद्ध पेयजल पहुंचाया जाए. अभी तक प्रदेश के लगभग 73 प्रतिशत घरों तक पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है. इनमें से करीब 90 प्रतिशत घरों में नियमित जल आपूर्ति भी शुरू हो चुकी है|हालांकि समूह नल-जल योजनाओं के तहत कुछ गांवों में काम की गति अपेक्षाकृत धीमी है. कारण यह है कि कई स्थानों पर 100 किलोमीटर तक दूर स्थित जलाशयों से पानी लाने की व्यवस्था की गई है, जिससे तकनीकी और लॉजिस्टिक चुनौतियां सामने आ रही हैं|
6 जिले अभी भी पिछड़े
पाइप जलापूर्ति के मामले में सिंगरौली, सतना, अलीराजपुर समेत छह जिले अभी 60 प्रतिशत प्रगति से नीचे हैं. इन जिलों में मप्र राज्य जल निगम के माध्यम से समूह जल योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जहां लंबी पाइपलाइन और स्रोत विकास का कार्य जारी है. वहीं भोपाल, इंदौर, बालाघाट, हरदा और ग्वालियर सहित 22 जिलों में 80 प्रतिशत से अधिक काम पूरा हो चुका है. इनमें से 10 जिलों में 90 प्रतिशत से ज्यादा कार्य पूर्ण होने के बाद नियमित जल आपूर्ति शुरू कर दी गई है|
बदली गांवों की तस्वीर
राजगढ़ शहर से करीब 10 किलोमीटर दूर बिलुआ, छेवरा और लेउआ जैसे गांवों में हर गर्मी में पेयजल संकट गहराता था. ग्रामीणों को दूर-दूर तक पानी के लिए भटकना पड़ता था. अब पाइपलाइन बिछने के बाद इन गांवों में नियमित जल आपूर्ति शुरू हो चुकी है. रामगढ़ गांव के प्रताप सिंह दांगी बताते हैं कि अब उनके गांव में दिन में दो बार पर्याप्त दबाव के साथ पानी मिलता है. इससे वर्षों पुरानी पेयजल समस्या काफी हद तक खत्म हो गई है|सरकार का दावा है कि केंद्र और राज्य की संयुक्त वित्तीय सहायता से शेष कार्यों को तय समय सीमा में पूरा कर प्रदेश को ‘हर घर नल से जल’ के लक्ष्य के करीब पहुंचाया जाएगा|

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