दुनिया में पांच समुद्री गलियारे, जो समुद्री व्यापार के लिहाज से बेहद जोखिम भरे
नई दिल्ली। इजराइल-अमेरिका ने ईरान युद्ध शुरू कर पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है। इस युद्ध का दुनिया के बाजारों पर काफी असर देखने को मिल रहा है। ईरान युद्ध के बाद सबसे ज्या दा चर्चा होर्मुज जलडमरूमध्य की है। हालांकि इसके अलावा भी दुनिया में पांच ऐसे समुद्री गलियारे हैं, जिन्हेंा समुद्री व्यापार के लिहाज से बेहद जोखिम भरा माना जाता है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक मिस्र में स्थित स्वेज नहर यूरोप और एशिया के बीच सबसे छोटा समुद्री मार्ग है, जो मध्य सागर और लाल सागर को जोड़ता है। इस रास्ते की वजह से केप ऑफ गुड होप के चारों ओर करीब 6000 मील की दूरी से राहत मिलती है। 1869 में खुला यह एक कृत्रिम जल मार्ग है। इसकी लंबाई 193 किमी है। यहां से दुनिया का करीब 10 से 12 फीसदी वैश्विक व्यालपार होता है और वैश्विक कंटेनर यातायात का करीब 22 फीसदी हिस्सा यहां से गुजरता है। वहीं कार शिपमेंट का 20 फीसदी और कच्चेह तेल का 10 फीसदी व्या पार यहीं से होता है। जियोपॉलिटिकल टेंशन के साथ ही हूती विद्रोहियों के हमले, समुद्री डकैती जैसे कारणों के चलते यह मार्ग जोखिम भरा हो जाता है। यह वैश्विक व्यापार के लिए बेहद अहम है, लेकिन लाल सागर में चल रहे संघर्षों के कारण जहाजों को सुरक्षा का खतरा बना रहता है।
मध्य अमेरिका में स्थित पनामा नहर अटलांटिक महासागर को प्रशांत महासागर से जोड़ती है, जो अमेरिका के पूर्वी और पश्चिमी तटों के बीच 8,000 मील से अधिक की दूरी की यात्रा से बचाता है। यहां से हर साल अमेरिका के कुल कंटेनर यातायात का करीब 40फीसदी गुजरता है। वहीं यहां से वैश्विक समुद्री व्याकपार का करीब 2.5 फीसदी यहीं से होता है। इस नहर का निर्माण 20वीं सदी की शुरुआत में अमेरिका ने किया था और दशकों तक संचालन के बाद इसे 1999 में पूरी तरह से पनामा को सौंप दिया। पनामा नहर में जलस्तणर घटने से कई बार परेशानी खड़ी हो चुकी है. इसके चलते कई बार यहां से गुजरने वाले जहाजों के आकार को सीमित करना पड़ा है।
इंडोनेशिया, मलेशिया और सिंगापुर के बीच स्थित मलक्का स्ट्रेट हिंद महासागर को दक्षिण चीन सागर और प्रशांत महासागर से जोड़ता है। इसे फारस की खाड़ी और एशिया के बाजार के बीच सबसे छोटा रास्ता माना जाता है। यह दुनिया का सबसे व्यस्त समुद्री परिवहन मार्ग है। यहां से दुनिया का 24 फीसदी समुद्री व्याापार होता है, जिसमें समुद्री मार्ग से होने वाले कच्चे तेल का 45फीसदी और कारों का 26फीसदी हिस्सा शामिल है। यही वह मार्ग है, जहां से चीन के तेल आयात का करीब 80फीसदी हिस्सा गुजरता है। मलक्का स्ट्रे ट में समुद्री डकैती और लूटपाट की घटनाएं हो चुकी हैं. वहीं अमेरिका और चीन की यहां पर मौजूदगी बड़ा जोखिम खड़ा कर सकती है।
बाब अल-मंडेब लाल सागर को अदन की खाड़ी के जरिए अरब सागर से जोड़ता है। यह यूरोप और एशिया के बीच अहम व्यापारिक मार्ग है, जिससे 12 फीसदी वैश्विक व्यापार हो रहा है। इससे यूरोप और अमेरिका जाने वाली खेप के समय में अनुमानित 15-20 दिन की देरी हो सकती है। ईरान युद्ध के शुरू होने के बाद हूती विद्रोहियों ने बाब अल मंडेब को बंद करने की धमकी दी है। बोस्फोरस और डार्डानेल्स जलडमरूमध्य तुर्की में है। डार्डानेल्स भूमध्यू सागर को मरमरा सागर से जोड़ता है। वहीं बोस्फोरस काला सागर को मरमारा सागर से जोड़ता है। जहां पर बोस्फो रस की लंबाई 31 किमी है, वहीं डार्डानेल्सफ की लंबाई 61 किमी है।

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