सोना-चांदी ने फिर बनाया नया रिकॉर्ड, चांदी ₹2.51 लाख किलो के पार
नई दिल्ली: भारतीय सर्राफा बाजार में आज यानी 7 मई को बहुमूल्य धातुओं की कीमतों में जोरदार उछाल देखने को मिला है। सोने के भाव में प्रति दस ग्राम 377 रुपए की तेजी दर्ज की गई है, जिसके बाद 24 कैरेट शुद्ध सोने की कीमत 1.51 लाख रुपए के स्तर को पार कर गई है। चांदी के बाजार में भी जबरदस्त तेजी का रुख रहा और यह 2318 रुपए प्रति किलोग्राम महंगी होकर 2.51 लाख रुपए के ऐतिहासिक आंकड़े पर पहुंच गई है। वैश्विक आर्थिक संकेतों और घरेलू मांग में आए उछाल को इन बढ़ती कीमतों की मुख्य वजह माना जा रहा है।
साल 2026 में कीमती धातुओं का रिकॉर्ड प्रदर्शन
वर्तमान वर्ष के शुरुआती पांच महीनों में ही कीमती धातुओं ने निवेशकों को मालामाल कर दिया है। साल 2026 में अब तक सोने की कीमतों में लगभग 18 हजार रुपए की भारी बढ़ोत्तरी हुई है, जबकि पिछले साल के अंत में यह 1.33 लाख रुपए के स्तर पर था। इसी प्रकार चांदी ने भी इस साल निवेशकों को चौंकाते हुए 21 हजार रुपए प्रति किलो तक की छलांग लगाई है। दिसंबर 2025 में 2.30 लाख रुपए पर बिकने वाली चांदी अब ढाई लाख रुपए के पार निकल चुकी है, जो बाजार में धातुओं की बढ़ती मजबूती को दर्शाता है।
आभूषणों की खरीदारी में सावधानी और हॉलमार्क का महत्व
महंगे रत्नों और धातुओं की खरीद के समय ग्राहकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है ताकि वे धोखाधड़ी का शिकार न हों। खरीदारी करते समय हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड द्वारा प्रमाणित हॉलमार्क वाले आभूषणों को ही प्राथमिकता देनी चाहिए, क्योंकि यह सोने की शुद्धता की आधिकारिक गारंटी होती है। इसके अतिरिक्त, खरीदारी वाले दिन की सटीक कीमत की पुष्टि इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन जैसे विश्वसनीय स्रोतों से अवश्य करनी चाहिए, क्योंकि सोने के भाव उसकी शुद्धता यानी 24, 22 या 18 कैरेट के आधार पर भिन्न-भिन्न होते हैं।
घरेलू स्तर पर असली चांदी की पहचान के सरल उपाय
चांदी की शुद्धता जांचने के लिए विशेषज्ञ कुछ आसान घरेलू तरीकों के उपयोग का सुझाव देते हैं। असली चांदी की सबसे बड़ी पहचान यह है कि वह चुंबकीय गुणों से मुक्त होती है और चुंबक के संपर्क में आने पर आकर्षित नहीं होती। इसके अलावा, चांदी की ऊष्मीय चालकता बहुत अधिक होती है, इसलिए इस पर बर्फ रखने से वह सामान्य की तुलना में कहीं अधिक तेजी से पिघलने लगती है। असली चांदी पूरी तरह गंधहीन होती है और यदि इसे किसी सफेद सूती कपड़े से रगड़ा जाए, तो उस पर काला निशान उभर आता है, जो धातु की प्रामाणिकता की पुष्टि करता है।

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