घरेलू विवाद ने लिया खौफनाक मोड़, पति-पत्नी दोनों की गई जान
शेखपुरा: बिहार के शेखपुरा जिले में एक पारिवारिक कलह का अंत बेहद खौफनाक और हिंसक रहा, जहाँ एक सनकी पति ने सरेराह अपनी पत्नी पर गोलियां बरसा दीं। इस वारदात के तुरंत बाद मौके पर मौजूद गुस्साई भीड़ ने कानून अपने हाथ में लेते हुए आरोपी पति को पकड़ लिया और उसकी पीट-पीटकर हत्या कर दी। यह दुखद घटना सिरारी थाना क्षेत्र के कैथवां गांव के निकट रेलवे फाटक के पास घटित हुई, जिसने न केवल मानवीय संवेदनाओं को झकझोर दिया है बल्कि इलाके में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
फिल्मी अंदाज में वारदात और पत्नी पर जानलेवा हमला
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार नवादा निवासी प्रदीप ठाकुर मोटरसाइकिल से कैथवां गांव पहुंचा और ई-रिक्शे से जा रही अपनी पत्नी प्रतिमा देवी को जबरन नीचे उतार लिया। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, प्रदीप ने अपनी कमर से देशी पिस्तौल निकाली और अपनी पत्नी पर एक के बाद एक चार गोलियां दाग दीं। गंभीर रूप से घायल महिला लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ी, जिसके बाद उसे आनन-फानन में सदर अस्पताल ले जाया गया जहाँ वह जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही है।
आक्रोशित भीड़ का न्याय और आरोपी की मौके पर मौत
गोलीबारी की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण और राहगीर बड़ी संख्या में वहां एकत्र हो गए और भागने की कोशिश कर रहे प्रदीप को दबोच लिया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि भीड़ का गुस्सा इस कदर चरम पर था कि उन्होंने आरोपी से हथियार छीनकर उसे बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। घंटों चली इस हिंसा और मारपीट के कारण आरोपी पति ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जिससे यह मामला अब एक दोहरे हत्याकांड और मॉब लिंचिंग के रूप में तब्दील हो गया है।
पुलिस की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर उठते सवाल
इस पूरी घटना ने स्थानीय पुलिस प्रशासन की तत्परता पर बड़े सवालिया निशान लगा दिए हैं क्योंकि वारदात की जगह थाने से मात्र दो किलोमीटर की दूरी पर स्थित थी। स्थानीय लोगों और जानकारों के बीच इस बात को लेकर काफी चर्चा है कि यदि पुलिस समय रहते सूचना पाकर पहुंच जाती, तो शायद आरोपी को भीड़ के हाथों मरने से बचाया जा सकता था। हालांकि पुलिस ने घटनास्थल से हथियार और कारतूस के खोखे बरामद कर लिए हैं, लेकिन अब तक इस सामूहिक हिंसा में शामिल किसी भी व्यक्ति की पहचान या गिरफ्तारी न होना प्रशासन की विफलता के रूप में देखा जा रहा है।
जांच की दिशा और अधिकारियों का कड़ा रुख
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने साक्ष्य जुटाने के लिए विशेष टीमों का गठन किया है और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की मदद ली जा रही है। एसडीपीओ ने स्पष्ट किया है कि कानून को हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और वीडियो फुटेज के आधार पर उपद्रवियों की पहचान की प्रक्रिया जारी है। फिलहाल पूरे गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि तनावपूर्ण स्थिति को नियंत्रित रखा जा सके और जल्द ही इस खूनी रंजिश व भीड़ द्वारा की गई हिंसा के वास्तविक दोषियों को सलाखों के पीछे पहुँचाया जा सके।

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