जबलपुर: पश्चिम मध्य रेलवे के जबलपुर रेल मंडल के अंतर्गत आने वाले सागर रेलवे स्टेशन पर सीबीआई (केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो) की जबलपुर इकाई ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। सीबीआई की टीम ने रेलवे के सीनियर सेक्शन इंजीनियर (एसएसई) नारायण सिंह बुंदेला को ₹1,00000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। यह पूरी कार्रवाई गुरुवार, 4 जून की देर रात सागर के एक होटल के पास की गई। आरोपी इंजीनियर पर आरोप है कि उसने एक ठेकेदार की जमा की गई सुरक्षा निधि (सिक्योरिटी मनी) को वापस जारी करने के एवज में इस मोटी रकम की मांग की थी।

काम पूरा होने के बाद भी मांग रहा था कमीशन

जानकारी के मुताबिक, सागर रेल खंड में रेलवे ट्रैक के लिए गिट्टी की सप्लाई करने वाले एक स्थानीय ठेकेदार ने अपना प्रोजेक्ट पूरा कर लिया था। काम खत्म होने के बाद नियम के अनुसार ठेकेदार ने रेलवे विभाग में जमा अपनी सिक्योरिटी मनी की वापसी के लिए आवेदन किया। इस फाइल को आगे बढ़ाने और पैसे रिलीज करने के बदले सीनियर सेक्शन इंजीनियर नारायण सिंह बुंदेला ने ₹1,00,000 की घूस मांगी। परेशान होकर ठेकेदार ने इस भ्रष्टाचार की लिखित शिकायत सीबीआई की जबलपुर विंग से कर दी।

होटल के बाहर बिछाया गया जाल, घूस लेते ही दबोचा

ठेकेदार की शिकायत का गोपनीय सत्यापन करने के बाद सीबीआई ने आरोपी इंजीनियर को रंगे हाथों पकड़ने के लिए एक पुख्ता जाल बिछाया। तय रणनीति के अनुसार, इंजीनियर बुंदेला ने रिश्वत की राशि लेने के लिए ठेकेदार को गुरुवार की रात सागर के पैराडाइज होटल के पास बुलाया।होटल और उसके आसपास सीबीआई के अधिकारी सादे कपड़ों में आम लोगों की तरह पहले से ही तैनात थे। देर रात जैसे ही ठेकेदार ने पैसे से भरा लिफाफा सीनियर सेक्शन इंजीनियर बुंदेला को सौंपा, इशारा मिलते ही सीबीआई की टीम ने धावा बोल दिया और केमिकल लगे नोटों के साथ इंजीनियर को मौके पर ही धर दबोचा।

अज्ञात स्थान पर पूछताछ और जांच जारी

अचानक हुई इस छापामार कार्रवाई से होटल और रेलवे महकमे में हड़कंप मच गया। गिरफ्तारी के तुरंत बाद सीबीआई की टीम आरोपी सेक्शन इंजीनियर को अपने साथ एक अज्ञात सुरक्षित स्थान पर ले गई है, जहां भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर उससे कड़ी पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के ठिकानों पर भी छानबीन की जा रही है ताकि आय से अधिक संपत्ति या अन्य मामलों का पता लगाया जा सके।