SIR को लेकर राजधानी में बढ़ी चौकसी, चांदनी चौक-बल्लीमारान में खास इंतजाम
नई दिल्ली। दिल्ली में एसआईआर (SIR) की प्रक्रिया तेजी से जोर पकड़ रही है। इस अभियान को लेकर राजधानी के मुस्लिम बहुल और प्रभावित विधानसभा क्षेत्रों के मतदाताओं में कुछ आशंकाओं के बीच भारी सक्रियता और जागरूकता देखी जा रही है। पश्चिम बंगाल, बिहार और उत्तर प्रदेश जैसे अन्य राज्यों में एसआईआर के जरिए मुस्लिम वोट प्रभावित होने के राजनीतिक आरोपों के बाद, दिल्ली के इन इलाकों में मतदाता अपने अधिकारों को लेकर विशेष रूप से सतर्क हैं और पूरी सावधानी बरत रहे हैं।
चार लाख से अधिक मुस्लिम मतदाताओं वाले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता
पुरानी दिल्ली के चांदनी चौक, मटिया महल और बल्लीमारान जैसे मुस्लिम बहुल इलाकों में एसआईआर को लेकर एक अलग ही माहौल और विशेष सतर्कता देखने को मिल रही है। लोग खुद आगे आकर सूची में अपना नाम और विवरण जांच रहे हैं। इन विधानसभाओं में करीब चार लाख से अधिक मुस्लिम मतदाता हैं, जो अपने लोकतांत्रिक अधिकारों के प्रति पूरी तरह सजग नजर आ रहे हैं।
दस्तावेज दुरुस्त होने से प्रक्रिया हुई आसान
वैसे, जमीनी स्तर पर मतदाताओं की राय मिली-जुली है। तमाम राजनीतिक और सामाजिक चिंताओं के बीच कई लोग इस पूरी प्रक्रिया को काफी सरल मान रहे हैं और बिना किसी बड़ी परेशानी के आसानी से अपने फॉर्म भरकर केंद्रों पर जमा कर रहे हैं। जामा मस्जिद क्षेत्र के निवासी मोहम्मद सादिक ने बताया कि उन्हें फॉर्म भरने में कोई दिक्कत नहीं हुई, क्योंकि उनके पास पहले के सभी जरूरी दस्तावेज पूरी तरह तैयार थे।
जागरूकता फैलाने में जुटे बीएलओ और सामाजिक संगठन
बल्लीमारान इलाके के एक बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) ने बताया कि लोगों में शुरुआत में थोड़ा संशय जरूर है, लेकिन हम उन्हें समझा रहे हैं कि यह कोई आखिरी मौका नहीं है। अगर कोई तकनीकी वजह से छूट भी जाता है, तो आने वाले समय में वह आसानी से अपना नाम मतदाता सूची में जुड़वा सकता है। प्रक्रिया को लेकर लोग काफी जागरूक हैं।
इसके साथ ही, सामाजिक संगठन और राजनीतिक दल भी स्थानीय स्तर पर लोगों की पूरी सहायता कर रहे हैं, जिससे काम आसान हो गया है। बल्लीमारान इलाके के मतदाता मोहम्मद शोएब ने बताया कि उन्होंने पहले ही अपने दस्तावेज तैयार कर लिए थे, जिससे बीएलओ के आने पर आसानी से फॉर्म भरकर जमा कर दिया गया।
जमीयत और जमात-ए-इस्लामी जैसे संगठन कर रहे मदद
मतदाताओं की इसी सक्रियता को देखते हुए जमीयत उलेमा-ए-हिंद और जमात-ए-इस्लामी जैसे बड़े और प्रभावशाली संगठनों के स्थानीय पदाधिकारी भी मैदान में उतर आए हैं। इन संगठनों के कार्यकर्ता गली-मोहल्लों में सक्रिय हैं और विशेष कैंप लगाकर लोगों की मदद कर रहे हैं। संगठनों द्वारा फॉर्म भरने से लेकर जरूरी कागजात तैयार कराने तक में स्थानीय स्तर पर लोगों का पूरा सहयोग किया जा रहा है, ताकि किसी भी तकनीकी चूक के कारण भविष्य में कोई समस्या खड़ी न हो।
तुर्कमान गेट के सामाजिक कार्यकर्ता वसी देहलवी कहते हैं कि अन्य राज्यों में चली चर्चाओं के कारण समाज में थोड़ी आशंका जरूर थी, लेकिन जमीनी स्तर पर फॉर्म भरने की प्रक्रिया में लोग बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं।
22 प्रतिशत से अधिक मतदाताओं को बांटे गए फॉर्म
दिल्ली में एसआईआर के तहत भौतिक सत्यापन का कार्य युद्धस्तर पर आगे बढ़ रहा है। चुनाव कार्यालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली के कुल 1,45,10,298 मतदाताओं में से अब तक 33,14,116 मतदाताओं को एसआईआर से संबंधित फॉर्म वितरित किए जा चुके हैं। इस प्रकार अब तक कुल 22.84 प्रतिशत मतदाताओं तक फॉर्म पहुंचा दिए गए हैं, जिनमें से 1,02,308 (0.71 प्रतिशत) मतदाताओं का ऑनलाइन सत्यापन भी सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है।

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