47°C तक पहुंच सकता है तापमान, वाराणसी में लू और उमस से हाल बेहाल
वाराणसी (काशी)| धर्मनगरी में इन दिनों कड़ाके की धूप, भीषण लू और उमस भरे मौसम ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों का हाल बेहाल कर दिया है। हालांकि, मंगलवार को पारे में सोमवार के मुकाबले करीब 2.5 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई, लेकिन इसके बावजूद लोगों को तपिश से कोई खास राहत नहीं मिली। हवा में मॉइस्चर (नमी) बढ़ने की वजह से उमस ने लोगों को जमकर रुलाया।
मौसम विज्ञान केंद्र ने आगामी 20 और 21 मई के लिए क्षेत्र में हीटवेव (लू) का 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि 21 मई को पारा रिकॉर्डतोड़ 47 डिग्री सेल्सियस को छू सकता है। हालांकि, राहत की बात यह है कि 21 जून के बाद तापमान में थोड़ी कमी आने के आसार जताए गए हैं।
दोपहर के वक्त शहर के प्रसिद्ध घाटों और गंगा के किनारों पर पूरी तरह सन्नाटा नजर आया। तीखी धूप और थपेड़े मारती गर्म हवाओं की वजह से लोग घरों और दफ्तरों के अंदर ही दुबके रहे। मंगलवार को करीब 25 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गर्म पछुआ हवाएं (लू) चलीं। दिन का अधिकतम तापमान सामान्य से 1.8 डिग्री ऊपर चढ़कर 42.4 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। वहीं हवा में आर्द्रता 70 फीसदी तक दर्ज की गई, जिसने चिपचिपी गर्मी को और बढ़ा दिया। बीच-बीच में बादलों की आवाजाही तो हुई, पर वे भी गर्मी के तेवर कम नहीं कर पाए।रात में भी तप रहे शहरवासी दिन तो दूर, अब रातें भी राहत नहीं दे रही हैं। देर रात एक से दो बजे के बीच भी पारा 33 डिग्री सेल्सियस के इर्द-गिर्द बना रहा। वहीं न्यूनतम तापमान सामान्य से 2.7 डिग्री अधिक यानी 29 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक, 22 से 24 मई तक लू का 'येलो अलर्ट' रहेगा, और इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चल सकती हैं। दरअसल, पूर्वी उत्तर प्रदेश के आसमान में जमीन से करीब 1.5 किलोमीटर ऊपर एक चक्रवाती सिस्टम एक्टिव है, जिसके चलते गर्म हवाओं और उमस का डबल अटैक देखने को मिल रहा है। हेल्थ एक्सपर्ट्स और मौसम वैज्ञानिकों ने जनता को दोपहर के समय बिना जरूरी काम के बाहर न निकलने, लगातार ओआरएस या पानी पीते रहने और सेहत के प्रति सचेत रहने की हिदायत दी है।

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