मणिपुर में 5 उग्रवादी गिरफ्तार, भारी मात्रा में हथियार बरामद
मणिपुर में सुरक्षा बलों ने अलग-अलग अभियानों में पांच उग्रवादियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बुधवार को बताया कि ये सभी अलग-अलग संगठनों से जुड़े थे। पुलिस के अनुसार, तीन उग्रवादी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी और एक प्रेपाक (प्रो) का सदस्य को तेंगनौपाल जिले में म्यांमार सीमा के पास यांगौबुंग गांव के निकट मंगलवार को पकड़ा गया। वहीं, प्रेपाक के एक अन्य सदस्य को थौबल जिले के थौबल हाओखा मामांग इलाके से गिरफ्तार किया गया। एक अलग अभियान में इम्फाल पूर्व जिले के नुंगाई हिल से हथियार और गोला-बारूद भी बरामद किए गए। बरामद सामान में एक देशी राइफल, नौ एमएम पिस्तौल, एक हैंड ग्रेनेड और .303 बोर के पांच कारतूस शामिल हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
तमिलनाडु: पार्किंग विवाद में सरकारी अधिकारी की हत्या
तमिलनाडु के होसुर में मामूली पार्किंग विवाद ने एक सरकारी अधिकारी की जान ले ली। रविवार को घर के सामने खड़ी बाइक को एसयूवी से टक्कर मारे जाने के बाद शुरू हुआ विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। आरोप है कि डीएमके पार्षद श्रीनिवासन के बेटे आदित्य ने बहस के दौरान आवेश में आकर सहायक श्रम कल्याण निरीक्षक एस. शिवमूर्ति (53) और उनके परिवार पर गाड़ी चढ़ा दी।
विज्ञापनइस हमले में गंभीर रूप से घायल शिवमूर्ति ने सोमवार को अस्पताल में दम तोड़ दिया, जबकि उनकी पत्नी और बेटा उपचाराधीन हैं। पुलिस ने आदित्य और उसके दो साथियों ऋतिक व हरीश के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार शुरुआती जांच में किसी पुरानी रंजिश की बात सामने नहीं आई है। यह वारदात आवेश में की गई प्रतीत होती है। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।
प्रसवोत्तर तनाव के शक में महिला ने की 2 माह के बेटे की हत्या
तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में एक 21 वर्षीय महिला ने कथित तौर पर अपने दो महीने के बेटे की हत्या कर दी, क्योंकि वह शिशु के लगातार रोने से परेशान हो गई थी। बच्चे के पिता, जो एक प्रवासी मजदूर हैं, ने पुलिस को बताया कि वह सुबह लगभग 11 बजे घर लौटे और अपनी पत्नी को अपने बेटे को जलाते हुए पाया। उन्हें एहसास हुआ कि बच्चा पहले ही मर चुका था।पुलिस द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, अपनी शिकायत में उस व्यक्ति ने कहा कि उसकी पत्नी ने बच्चे को इसलिए मार डाला क्योंकि वह लगातार रो रहा था। पुलिस ने बताया कि शिशु का शव उसके मुंह में कपड़ा ठूंसा हुआ और शरीर पर जलने के निशान के साथ मिला। मामला दर्ज कर लिया गया है और हत्या की सटीक परिस्थितियों का पता लगाने के लिए जांच जारी है।अधिकारियों को संदेह है कि महिला ने तनाव में आकर ऐसा किया, क्योंकि कथित तौर पर बच्चे के जन्म के बाद उसे किसी तरह का सहारा नहीं मिला। पुलिस अधिकारी ने बताया कि मध्य प्रदेश के मूल निवासी ये दंपति निर्माण स्थल पर बने मजदूर क्वार्टर में रह रहे थे।तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में सीएपीएफ की 50 कंपनियां होंगी तैनाततमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 की आहट के साथ प्रशासनिक और सुरक्षा तैयारियां तेज हो गई हैं। गृह मंत्रालय ने राज्य में स्वतंत्र और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की शुरुआती 50 कंपनियां आवंटित कर दी हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी अर्चना पटनायक ने मंगलवार को जानकारी दी कि सुरक्षा बलों का यह पहला जत्था 10 मार्च 2026 को तमिलनाडु पहुंच जाएगा।इन सुरक्षा बलों को राज्य के विभिन्न संवेदनशील इलाकों में क्षेत्र प्रभुत्व और मतदाताओं के बीच विश्वास बहाली के उपायों के लिए तैनात किया जाएगा। तमिलनाडु की सभी 234 सीटों और पड़ोसी केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में अप्रैल में मतदान होने की संभावना है। चुनाव आयोग का लक्ष्य इन अतिरिक्त सुरक्षा बलों के माध्यम से चुनावी प्रक्रिया के दौरान कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना है।
मिलावटी घी से करोड़ों लड्डू बनाकर आस्था के साथ किया गया खिलवाड़-नायडू
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने मंगलवार को विधानसभा में तिरुपति लड्डू प्रसादम विवाद पर गंभीर आरोप लगाते हुए इसे संगठित अपराध करार दिया। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पिछली वाईएसआरसीपी सरकार के दौरान 60 लाख किलो मिलावटी घी का उपयोग कर 20 करोड़ से अधिक पवित्र लड्डू बनाए गए। उन्होंने फॉरेंसिक साक्ष्यों का हवाला देते हुए कहा कि इस गिरोह ने न केवल करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं को आहत किया, बल्कि निविदा शर्तों में बदलाव कर भ्रष्टाचार को भी बढ़ावा दिया।सीएम नायडू ने सदन में प्रस्तुति देते हुए बताया कि टीटीडी ने मिलावटी घी की खरीद पर 234.51 करोड़ रुपये खर्च किए। जांच को दबाने के लिए अधिकारियों को रिश्वत दी गई और मंदिर की पवित्रता से समझौता किया गया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि वर्तमान एनडीए सरकार ने टीटीडी के शुद्धिकरण और प्रसादम की गुणवत्ता सुधारने का काम शुरू कर दिया है। उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने भी दोषियों को सख्त सजा दिलाने की बात दोहराई।
मणिपुर में विस्थापित हुए लोगों के पुनर्वास के लिए पांच हजार घरों को केंद्र की मंजूरी
केंद्र सरकार ने जातीय हिंसा से प्रभावित मणिपुर में आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों (आईडीपी) के पुनर्वास के लिए पांच हजार घरों के निर्माण को मंजूरी दी है। ये आवास प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) के तहत बनाए जाएंगे।केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार शाम नई दिल्ली में मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह से मुलाकात की थी। राज्य के दो उपमुख्यमंत्री, नेमचा किपगेन और लोसी दिखो भी खेमचंद के साथ इउ बैठक में शामिल हुए थे। अधिकारियों के अनुसार, इस दौरान चौहान ने इन घरों के निर्माण को मंजूरी दी। साथ ही, राज्य में शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। मणिपुर सरकार ने इसी महीने की शुरुआत में इन घरों के निर्माण का प्रस्ताव रखा था।इस बीच, ग्रामीण विकास मंत्रालय ने पात्र प्रभावित परिवारों का विवरण जुटाने के लिए विशेष व्यवस्था की है। इसके तहत आवास+ 2024 परिवार सर्वेक्षण की एक विशेष विंडो को मंजूरी दे दी है। यहां सभी पात्र परिवार अपना पंजीकरण करा सकते हैं।

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