Kashi Vishwanath Dham में 30 दिनों में 65 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
वाराणसी: बाबा विश्वनाथ के दरबार में उमड़ा आस्था का सैलाब, मार्च में 65 लाख श्रद्धालुओं ने बनाया नया रिकॉर्ड
वाराणसी। धर्म और आध्यात्म की नगरी काशी में 'काशी विश्वनाथ धाम' कॉरिडोर के निर्माण के बाद से श्रद्धालुओं की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई है। इस वर्ष मार्च के महीने में करीब 65 लाख श्रद्धालुओं ने बाबा विश्वनाथ के दर्शन कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। कॉरिडोर के कारण मंदिर तक पहुँच सुगम होने से अब देश ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी आने वाले पर्यटकों और भक्तों का ताँता लगा हुआ है।
सुविधाओं और स्वच्छता ने बदला अनुभव
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए शासन ने परिसर में सुविधाओं को विश्वस्तरीय बनाया है:
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प्रबंधन: डिजिटल निगरानी और सुचारु कतार प्रबंधन से घंटों का इंतजार कम हुआ है।
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बुनियादी सुविधाएँ: आधुनिक शौचालय, शुद्ध पेयजल और बेहतर सुरक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता दी गई है।
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कायाकल्प: घाटों का सौंदर्यीकरण, आकर्षक लाइटिंग और सड़कों के चौड़ीकरण ने शहर की छवि को वैश्विक पहचान दिलाई है।
पर्यटन और अर्थव्यवस्था को मिली नई उड़ान
धार्मिक पर्यटन में आए इस उछाल ने स्थानीय अर्थव्यवस्था को जबरदस्त मजबूती दी है:
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रोजगार: होटल, गेस्ट हाउस और स्थानीय हस्तशिल्प के व्यापार में भारी तेजी आई है।
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नया अनुभव: गंगा नदी में क्रूज सेवाओं की शुरुआत ने पर्यटकों को काशी की विरासत देखने का एक आधुनिक और दिव्य नजरिया दिया है।
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कनेक्टिविटी: रोपवे परियोजना, मल्टीलेवल पार्किंग और स्मार्ट सिटी मिशन के तहत विकसित ढांचे ने काशी को एक सुलभ पर्यटन केंद्र बना दिया है।
"आस्था और आधुनिकता का अद्भुत संगम"
प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने इस उपलब्धि पर हर्ष जताते हुए कहा कि काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर के विकास ने श्रद्धालुओं के लिए दर्शन की प्रक्रिया को न केवल आसान, बल्कि दिव्य भी बना दिया है। उनके अनुसार, काशी अब अपनी प्राचीन परंपराओं को अक्षुण्ण रखते हुए आधुनिक पर्यटन के मानचित्र पर मजबूती से स्थापित हो चुकी है।

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