लालू के ऑफर के बाद तेज प्रताप ने खोला चाचा नीतीश के लिए दरवाजा!
पटना: मकर संक्रांति पर सीएम नीतीश कुमार के राबड़ी आवास आने की संभावना पर तेज प्रताप ने कहा कि सभी का स्वागत है, लेकिन इसका कोई राजनीतिक मतलब नहीं है। तेज प्रताप ने बिहार में विकास की कमी और बीजेपी नेताओं के बयानों पर भी सवाल उठाए। दरअसल, मकर संक्रांति पर राबड़ी आवास में दही-चूड़ा का भोज है। बिहार की सियासत में खरमास खत्म होते ही पलटीमार सियासत जोर पकड़ने को लेकर खूब चर्चा हो रही है।
तेज प्रताप के इस बयान से बिहार की राजनीति में फिर से हलचल मच गई है। एक तरफ लालू यादव के न्योते को नीतीश कुमार ने ठुकराया है, वहीं तेज प्रताप के बयान से राजनीतिक समीकरणों पर फिर से चर्चा शुरू हो गई है। देखना होगा कि आगे इस पर क्या प्रतिक्रिया आती है। तेजस्वी यादव की यात्रा और प्रशांत किशोर की पदयात्रा जैसे मुद्दे भी बिहार की राजनीति को गरमाए रखेंगे।
भोज से पहले तेज प्रताप यादव ने पत्रकारों से बात की। बातचीत में उन्होंने नीतीश कुमार के मकर संक्रांति पर राबड़ी आवास आने के सवाल पर कहा कि हमारे दरवाजे पर जो भी आएगा उसका स्वागत है, लेकिन इसका कोई राजनीतिक अर्थ नहीं निकाला जाना चाहिए। यह बयान ऐसे समय में आया है जब हाल ही में लालू यादव ने नीतीश कुमार को साथ आने का प्रस्ताव दिया था, जिसे नीतीश ने ठुकरा दिया था। नीतीश कुमार ने कहा था कि अब इधर-उधर कहीं नहीं जाना है।
इस दौरान तेज प्रताप यादव ने नीतीश कुमार की सरकार पर भी हमला बोला। तेज प्रताप ने बिहार की एनडीए सरकार पर विकास नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने केंद्रीय राज्यमंत्री नित्यानंद राय के तेजस्वी यादव पर दिए बयान पर भी पलटवार किया। तेज प्रताप ने कहा कि नित्यानंद राय गड़बड़ बयान देते रहते हैं।

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