अमित शाह ने फिर संभाला गृह मंत्रालय का प्रभार
तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के बाद नरेंद्र मोदी ने सोमवार शाम को अपने मंत्रियों के विभागों का बंटवारा किया। मोदी ने अपने पुराने सिपहसालारों पर भरोसा करते हुए मंत्रिमंडल में किसी बड़े बदलाव से गुरेज किया है। उन्होंने अमित शाह, राजनाथ सिंह, एस जयशंकर और अश्विनी वैष्णव समेत कई मंत्रियों पर फिर से विश्वास जताया है। वहीं, कुछ मंत्रालय में बदलाव भी किया है। आइए जानते हैं किसने कौन से मंत्रालय का पदभार संभाला। केंद्रीय मंत्री अमित शाह पर पीएम मोदी ने एक बार फिर भरोसा दिखाया। उन्हें फिर से केंद्रीय गृह मंत्री का कार्यभार सौंपा गया है। उन्होंने गृह मंत्री के रूप में कार्यभार संभाल लिया। वहीं, सहकारिता मंत्री का भी कार्यभार संभाला।
इन मंत्रियों ने भी संभाला पदभार
किरेन रिजिजू ने संसदीय कार्य मंत्री, संजय सेठ ने रक्षा मंत्रालय में राज्य मंत्री और एल. मुरुगन ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय में राज्य मंत्री का कार्यभार संभाला। वहीं, केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी ने पर्यटन मंत्रालय के राज्य मंत्री का कार्यभार संभाला। साथ ही डॉ. जितेंद्र सिंह ने कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय में राज्य मंत्री, केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री का पदभार संभाला। राजीव रंजन(ललन) सिंह ने पंचायती राज मंत्री और मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री के रूप में पदभार संभाला।
रिजिजू ने कहा, 'संसद में हमारे देश के भविष्य की चर्चा होती है और यहां से निर्णय लेकर हम देश की सेवा करते हैं। हर राजनीतिक दल का मकसद एक है-देश की सेवा...इसलिए संसद चलाने में सबका योगदान चाहिए।'

राशिफल: जानिए, कैसा रहेगा आपका आज का दिन (13 मार्च 2026)
सरकार का बयान- घबराहट के कारण बढ़ी सिलेंडर बुकिंग
सरसों की खरीदी के लिये भावांतर भुगतान योजना को मिली केन्द्र से स्वीकृति : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
जनजातीय अंचल के विकास में खेत और किसान की अच्छी सेहत जरूरी : राज्यपाल पटेल
बेहतर समन्वय से केन्द्र सरकार के मंत्रालयों से मिल रहा है पूरा सहयोग : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
LPG संकट के बीच सिलेंडर छोड़ इंडक्शन पर शिफ्ट हुआ सागर गैरें
एमपी में राज्यसभा की एक सीट पर सस्पेंस, कांग्रेस को क्रॉस वोटिंग का डर
बिहार चुनाव: बीजेपी के बटुए से निकले 146.71 करोड़, सबसे ज्यादा 89 विधायक जीते
हरदीप पुरी ने लोकसभा में कहा—भारत में गैस-तेल की कोई कमी नहीं