झामुमो की पॉलिसी को फॉलो करती है बीजेपी
रांची। झामुमो ने कहा है कि झारखंड से सीख लेते हुए भाजपा नेता अब दिल्ली में भी मंईयां (महिलाओं) को 2500 रुपए आर्थिक राशि देने को बाध्य हुए हैं। साल 2029 तक महिला (मंईयां) वर्ग को सम्मान देने का जो रास्ता झारखंड ने दिखाया है, उस पर दिल्ली चुनाव में मुहर लग गई है। पार्टी के केंद्रीय महासचिव सह प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया है।पार्टी मुख्यालय में शनिवार को प्रेस वार्ता कर उन्होंने कहा है कि पहले कहावत थी कि बंगाल आज जो सोचता है, भारत कल वही सोचता है। हेमंत सोरेन ने यह नैरेटिव सेट कर दिया है कि झारखंड आज क्या करता है, इंडिया उसे कल फोलो करेगा। उन्होंने कहा कि 2026 में प्रस्तावित गुजरात, बंगाल, असम, केरल में चुनाव, साल 2027 में यूपी चुनाव और साल 2028 में एमपी, राजस्थान, तमिलनाडु के चुनाव में भी महिला वर्ग ही सबसे अहम मुद्दे रहेंगे। सुप्रियो ने दिल्ली चुनाव नतीजों को भारत निर्वाचन आयोग, प्रवर्तन निदेशालय और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो गठबंधन की सफलता बताया है।झामुमो नेता ने यह भी कहा कि चाहे हरियाणा की बात करें या दिल्ली की, दोनों ही जगह आम आदमी पार्टी के कुछ निर्णय गलत हुए। आप ने दिल्ली चुनाव से पहले कह दिया कि कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव नहीं लड़ेंगे। ऐसे में कांग्रेस के पास चुनाव लड़ने के सिवाय कोई चारा नहीं था। जो नतीजे अब सामने आए हैं, उससे यह कहना पड़ेगा कि आप ने एक भंयकर भूल की है। इसका खमियाजा उन्हें हुआ है, जो भाजपा के खिलाफ चुनाव लड़ते हैं। सुप्रियो ने कहा कि झारखंड में हमने दिल खोलकर कांग्रेस, राजद और वाम दलों को सम्मानजनक सीटें दीं। हम कम सीटों पर चुनाव लड़े। झामुमो ने अपने सहयोगियों की सीटों पर जीत सुनिश्चित करायी। अरविंद केजरीवाल से भी हमें यही उम्मीद थी। लेकिन जब राजनीतिक भूल हो जाती है, व्यक्ति को इससे सीख लेनी चाहिए। अब जरूरी है कि जनता के मुद्दे पर कांग्रेस सड़क पर और आप सदन और सड़क पर लड़े।

राशिफल 26 जुलाई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
राहुल गांधी का बड़ा बयान: 'कॉकरोच आंदोलन' के बाद छात्रों पर हिंसा को लेकर सरकार पर निशाना
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर शरद पवार का बड़ा दावा, बोले- 'PM से बातचीत के बाद बदला घटनाक्रम'
'फोन छूने पर बेरहमी से पीटते थे', नौकरी दिलाने के नाम पर युवकों के साथ हुआ खौफनाक खेल
जिस सरकार ने कहा- इस्तीफे नहीं होते, उसी में 12 साल में कई बड़े नेताओं ने छोड़ा पद
दमिश्क हाईवे पर मौत का सफर: बस दुर्घटना में 35 यात्रियों की दर्दनाक मौत
RPSC स्कूल लेक्चरर भर्ती 2022 पर सवाल, फाइनल आंसर-की में बदलाव के आरोप
राजस्थान में छात्रों का आंदोलन तेज, धर्मेंद्र प्रधान के बाद अब इस मंत्री के इस्तीफे की मांग