हर थाने में सीसीटीवी जरूरी
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरे की कमी मामले में सुनवाई करते हुए कहा कि थानों में सीसीटीवी न होने से निगरानी में मुश्किल हो रही है। कोर्ट इस मामले में 26 सितंबर को फैसला सुनाएगा। बेंच अपने आदेश में पुलिस थानों और जांच एजेंसियों में सीसीटीवी कैमरों को लेकर राज्यों और केंद्र सरकार को भी निर्देश दे सकती है।
जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने कहा कि यह मुद्दा निगरानी का है। कल को अधिकारी थाने में कैमरे बंद कर सकते हैं। लेकिन हम एक ऐसे नियंत्रण कक्ष के बारे में सोच रहे थे, जिसमें कोई मानवीय हस्तक्षेप न हो। बेंच ने कहा कि कोर्ट यह सुनिश्चित करना चाहता है कि पुलिस थानों में पारदर्शिता बनी रहे और मानवाधिकारों का उल्लंघन न हो। जस्टिस संदीप मेहता ने कहा कि पुलिस थानों का भी स्वतंत्र एजेंसी की ओर से निरीक्षण किया जाना चाहिए। हम आईआईटी को शामिल कर ऐसी व्यवस्था बनाने पर विचार कर सकते हैं, जिससे सीसीटीवी फुटेज की निगरानी बिना किसी हस्तक्षेप के की जा सके। दरअसल, 4 सितंबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने मीडिया रिपोर्ट का संज्ञान लिया था, जिसमें राजस्थान में पिछले 8 महीनों में 11 पुलिस कस्टडी मौतें हुईं, जिनमें से 7 सिर्फ उदयपुर डिवीजन में थीं।

भोपाल में एनएसजी का ‘पराक्रम’, कमांडोज के जांबाज करतब देख सीएम मोहन यादव हुए रोमांचित
राहुल गांधी का हमला: PM मोदी के पास LPG संकट से निपटने की कोई नीति नहीं, कोविड जैसी अव्यवस्था
शर्मनाक हालात! बेटी के अंतिम संस्कार के लिए नहीं मिली लकड़ी, डीजल-टायर से किया दाह संस्कार
टीवीके प्रमुख विजय ने चेन्नई चुनावी दौरा रद्द किया, समय और पुलिस पाबंदियों को बताया कारण
एनडीए सरकार बनते ही सोना तस्करी आरोपियों पर सख्ती, दो महीने में जेल: अमित शाह
बंगाल चुनाव से पहले BJP और TMC में टकराव, हेट स्पीच को लेकर दोनों पार्टियां चुनाव आयोग पहुंचीं
राज्यसभा में 19 नए सदस्यों ने ली शपथ, व्हीलचेयर पर पहुंचे शरद पवार
कोरबा में हैवानियत की सारी हदें पार, बाइक बेचने से नाराज मालिक ने युवक को पीटा
अरुण देव गौतम बनेंगे छत्तीसगढ़ के 12वें पूर्णकालिक DGP
दिल्ली विधानसभा में घुसे उपद्रवी, स्पीकर की कार पर स्याही फेंककर फरार