क्रिकेट में बढ़ रहा क्लब कल्चर
जिस प्रकार ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर ग्लेन मैक्सवेल और दक्षिण अफ्रीका के हेनरिक क्लासेन ने टी20 लीग में खेलने अचानक ही अंतराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया है। उससे ये संकेत मिल रहे हैं कि भविष्य में क्रिकेट में भी क्लब कल्चर आयेगा। मैक्सवेल और क्लासेन से पहले भी कई अन्य खिलाड़यों ने भी ऐसा ही किया है। इसमें वेस्टइंडीज के सबसे अधिक खिलाड़ी हैं। इससे वेस्टइंडीज की टीम बेहद कमजोर हो गयी क्योंकि दिग्जज खिलाड़ी राष्ट्रीय टीम की जगह लीग क्रिकेट को प्राथमिकता देने लगे। खिलाड़ियों इस बदलाव के पीछे व्यक्तिगत प्राथमिकताएं, वित्तीय लाभ, और खेल की बढ़ती व्यावसायिकता शामिल हैं। पहले वेस्टइंडीज के खिलाड़ी ही देश के बजाए फ्रेंचाईजी क्रिकेट को अधिक वरीयरता दे रहे था पर अब इनमे कई और देशों के खिलाड़ी भी शामिल होने लगे हैं। न्यूजीलैड के अनुभवी बल्लेबाज केन विलियमसन सहित कई खिलाड़ियों ने केन्द्रीय अनुबंध देने से हंकार कर दिया है।
हाल के एक सर्वेक्षण के अनुसार विभिन्न देशों के 60 फीसदी सवे अधिक प्रमुख खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को छोड़कर केवल घरेलू फ्रेंचाइजी लीगों में खेलने पर विचार कर रहे हैं. इसका मुख्य कारण लीगों में बेहतर वित्तीय अवसर और कम समय की प्रतिबद्धताएं हैं। इसके परिणामस्वरूप, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की प्राथमिकता में कमी और लीगों की बढ़ती लोकप्रियता देखी जा रही है। जिस उम्र में खिलाड़ी सन्यांस ले रहे है वो खेल में सबसे बेहतरीन प्रदर्शन करने के लिए सबसे अच्छा माना जाता रहा है।
खिलाड़ियों का यह रुझान अब फ्रेंचाइजी क्रिकेट की तरफ ज्यादा बढ़ रहा है जो खेल की संरचना में बदलाव का संकेत देता है कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह प्रवृत्ति जारी रहती है, तो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की प्रतिष्ठा प्रभावित होगी। न्यूजीलैंड के पूर्व बल्लेबाज रॉस टेलर ने इसपर चिन्ता जतायी है, और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर जोर दिया है पर किसी भी देश के पास अपने स्टार खिलाड़ियों को रोकने के लिए कोई योजना नहीं है। खिलाड़ियों को केवल सेंट्रल अनुबंध देकर नहीं रोका जा सकता. मैक्सवेल और क्लासेन दोनों ने के संन्यास के कारण अलग-अलग हैं, लेकिन दोनों ही खिलाड़ियों ने अपने करियर के इस मोड़ पर व्यक्तिगत और पेशेवर कारणों का हवाला दिया है। .
क्लासेन ने 33 वर्ष की आयु में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लिया। उन्होंने पारिवारिक समय और बेहतर कार्य-जीवन संतुलन को प्राथमिकता दी है हालांकि वह फ्रेंचाइजी लीगों में खेलते रहेंगे। इससे जो संकेत मिल रहे है कि उनको अगले कुछ सालों के लिए फ्रेंचाइजी क्रिकेट के तमाम अनुबंध हैं। मैक्सवेल ऑस्ट्रेलिया के इस ऑलराउंडर ने वनडे क्रिकेट से संन्यास लिया, ताकि वह 2026 टी20 विश्व कप पर ध्यान केंद्रित कर सकें और फ्रेंचाइजी लीगों में अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा कर सकें। एविन लुईस वेस्ट इंडीज के इस बल्लेबाज ने 2024 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लिया और फ्रेंचाइजी क्रिकेट में सक्रिय रहने का फैसला किया। उन्होंने विभिन्न लीगों में खेलते हुए अपनी पहचान बनाई है.
श्रीलंकाई तेज गेंदबाज लसिथ मलिंगा ने 2021 में फ्रेंचाइजी क्रिकेट से संन्यास लिया था पर वह आईपीएल खेल रहे हैं। वहीं दक्षिण अफ्रीका के स्टार बल्लेबाज एबी डिविलियर्स ने 2021 में रिटायरमेंट लिया वह भी लीग क्रिकेट में सक्रिया हैं। फ्रेंचाइजी क्रिकेट में सक्रिय रहे कम उम्र में जिस तरह से तमाम क्रिकेटर इंटरनेशनल क्रिकेट से रिटायर हो रहे है उससे एक संकेत तो साफ है कि फ्रंचाइज क्रिकेट का बाजार और उसकी चमक धमक खिलाड़ियों को बेहतर भविष्य के संकेत दे रही है और सभी देशों के क्रिकेट बोर्ड उन्हें रोक नहीं पा रहें हैं।

सियासी घमासान के बीच हिंसा, BJP-कांग्रेस कार्यकर्ताओं की झड़प में 16 पुलिसकर्मी घायल
दुनिया के व्यापारिक रास्तों पर संकट! बाब-अल-मंदेब की नाकेबंदी का डर
सालीवाड़ा में मामूली विवाद बना खूनी संघर्ष, एक युवक की मौत से सनसनी
'जन नायकन' लीक पर अलग-अलग राय, कोई बोला 150 करोड़ का नुकसान तो किसी ने कहा 'जीरो इम्पैक्ट'
शिकायतों का अंबार, फिर भी कार्रवाई नहीं; नगर निगम की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
ट्रंप के टैरिफ फैसले से कनाडा को झटका, भारत को मिल सकता है बड़ा फायदा
CJP का बड़ा बयान: जंतर-मंतर हिंसा में पुलिस को गंभीर चोटें नहीं आईं
क्या नहीं होगा धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा? सरकार के रुख ने बढ़ाई चर्चा
HAL-Safran डील: भारत में बनेंगे LEAP इंजन के अहम पार्ट्स, 'मेक इन इंडिया' को मिली बड़ी उड़ान
25 करोड़ के बंगले से लेकर करोड़ों की संपत्ति तक, जानिए 'फिरकी मास्टर' की पूरी दौलत