वंशवाद और परिवारिक राजनीति: कैसे विवादों ने पार्टियों को कमजोर किया?
Vanshvad Family Politics एक बार फिर चर्चा में है, खासकर तब जब बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन की बड़ी हार के बाद लालू परिवार का विवाद खुलकर सामने आ गया। नतीजों के तुरंत बाद लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने घर और पार्टी दोनों छोड़ दिए, जिससे RJD की आंतरिक खींचतान उजागर हो गई। चुनावी दौर से ही शुरू हुआ यह विवाद पार्टी की छवि और संगठन पर भारी पड़ा। विशेषज्ञों का मानना है कि जहां परिवार टूटता है, वहां पार्टी की मजबूती, वोटरों का भरोसा और चुनावी परिणाम सीधे प्रभावित होते हैं—और यही विपक्ष के लिए फायदा का मौका बन जाता है।
भारत की राजनीति में Vanshvad Family Politics कोई नई बात नहीं है। कई बड़े राजनीतिक घरानों में पार्टी और वोट बैंक को संपत्ति की तरह बांटने की प्रवृत्ति दिखाई देती है। इसी वजह से पारिवारिक तनाव बढ़ता है, जिसका असर सीधे सियासत और चुनावों में दिखता है।
उदाहरण के तौर पर, बिहार में पासवान परिवार का विवाद चाचा-भतीजे की लड़ाई में बदल गया और लोजपा दो गुटों में टूट गई। यूपी में मुलायम सिंह यादव परिवार का विवाद भी वर्षों तक चला, जिससे समाजवादी पार्टी को 2017 और 2022 के चुनावों में भारी नुकसान उठाना पड़ा।
महाराष्ट्र में भी पवार और ठाकरे परिवारों की अंदरूनी खींचतान ने राजनीतिक समीकरण बदल दिए। एक तरफ शरद और अजीत पवार के बीच दरार पड़ी, तो दूसरी तरफ उद्धव और राज ठाकरे की दूरी ने शिवसेना की ताकत कमजोर कर दी।
दक्षिण भारत भी इससे अछूता नहीं है। आंध्र प्रदेश में जगन और शर्मिला की खींचतान वाईएसआर कांग्रेस को कमजोर कर गई। वहीं तेलंगाना में KCR के परिवार में उत्तराधिकार को लेकर हुए विवाद ने बीआरएस को सत्ता से बाहर कर दिया।

वाराणसी में अप्रैल में प्री-मानसून जैसा मौसम, बेमौसम बारिश से बदला मिजाज
पुलिया से टकराई बाइक, दो युवकों की दर्दनाक मौत; निमंत्रण से लौट रहे थे घर
इंदौर में दर्दनाक हादसा: तेज रफ्तार ट्रक ने बारातियों से भरी कार को मारी टक्कर, 4 की मौत
‘ये तो ट्रेलर है, पिक्चर अभी बाकी’—राघव चड्ढा का नया वीडियो, पार्लियामेंट स्पीच फिर वायरल
CM हाउस के बाद यहां लगी विक्रमादित्य वैदिक घड़ी, अब भारतीय कालगणना से चलेगा समय
तेल-गैस के बाद अब अमोनिया संकट, 7200 का सिलेंडर 15 हजार में बिक रहा
दिल्ली-मुंबई पुलिस का बड़ा एक्शन: जैश-ISIS के 2 आतंकी गिरफ्तार, कार बम से हमले की साजिश नाकाम
राजेंद्र भारती केस: मंगलवार को दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई, विवेक तन्खा करेंगे पैरवी
पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: BJP ने जारी की 40 स्टार प्रचारकों की सूची, पीएम मोदी और अमित शाह शामिल