भारत का एआई बाजार 2027 तक 17 अरब डॉलर तक पहुंच जाएगा
नई दिल्ली । रिपोर्ट के मुताबिक, भारत का एआई बाजार 2027 तक 25 प्रतिशत चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (सीएजीआर) से बढ़कर 17 अरब डॉलर तक पहुंचने की संभावना है। एआई निवेश में भी इसी तरह की वृद्धि होगी। रिपोर्ट के अनुसार, जेनएआई सहित एआई/एमएल क्षमताओं के साथ भारत का एआई बाजार बढ़ रहा है, जो 2023 में आईटी खरीदारों द्वारा किए जाने वाले आईटी खर्च की शीर्ष श्रेणी के रूप में उभर रहा है।
एआई जॉब फंक्शंस में काम करने वाले 420,000 कर्मचारियों के साथ भारत आज दूसरा सबसे बड़ा स्थापित प्रतिभा आधार है। अन्य देशों की तुलना में तीन गुना अधिक एआई कुशल प्रतिभा के साथ देश में कौशल की पहुंच भी सबसे अधिक है। रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले सात वर्षों में एआई में कुशल व्यक्तियों की संख्या में 14 गुना वृद्धि के साथ देश शीर्ष 5 देशों में शामिल है। जैसे-जैसे एआई में निवेश बढ़ रहा है, भारत में एआई प्रतिभा की मांग भी 15 प्रतिशत बढ़ने की उम्मीद है।
कुछ संगठनों ने अपस्किलिंग के लिए समर्पित अगले तीन वर्षों में 1 अरब डॉलर का आवंटन किया है। भारतीय कंपनियां एआई के विकास के साथ तालमेल बिठाना शुरू कर रही हैं और तकनीकी क्षेत्र एआई एजेंडे को आगे बढ़ाने वाले गतिशील और विकसित उत्कृष्टता केंद्रों के साथ भविष्य के लिए तैयार संगठन बना रहा है।

एमपी विधानसभा में मोदी-ट्रंप मुलाकात की गूंज, अमेरिका ट्रेड डील को लेकर कांग्रेस आक्रामक
रैगिंग के आरोप में 6 छात्रों को तत्काल प्रभाव से निलंबित
Rahul Gandhi के भोपाल दौरे से पहले सियासत तेज
‘बम फटने वाला है…’ लाल किला और विधानसभा को उड़ाने की धमकी
झारखंड में हेमंत सोरेन और पत्नी ने डाला वोट, आम जनता को किया प्रेरित
टीम इंडिया की लुटिया डूबो कर ही मानेंगे गौतम गंभीर! हार के सबसे बड़े कसूरवार, प्लानिंग की चूक या जिद का खेल?
लोकतंत्र का महापर्व: पलामू में सुबह से ही लगी लंबी कतारें, सुरक्षा बलों की मौजूदगी में शांतिपूर्ण मतदान जारी
सावधान! वोट डालने जाने से पहले देख लें ये गाइडलाइन, रांची में बैलेट पेपर से हो रही है वोटिंग
झारखंड : रांची समेत 8 जिलों में आज और कल बारिश का अलर्ट, वज्रपात की भी आशंका; जानें अपने जिले का हाल.
विधानसभा में सरकार घिरी, छात्रावास हादसे और योजना पर तीखी बहस