कई बीघा खैर का जंगल साफ, वन माफियाओं पर गंभीर आरोप
मुरैना: चंबल अंचल के मुरैना जिले से वन संपदा के अवैध दोहन का एक बड़ा मामला प्रकाश में आया है। यहाँ के पहाड़गढ़ वन क्षेत्र में कीमती 'खैर' के जंगलों की धड़ल्ले से हो रही अवैध कटाई को लेकर एक गंभीर विवाद खड़ा हो गया है। कन्हार क्षेत्र के निवासी गौरव शर्मा ने वन विभाग के आला अधिकारियों पर गंभीर आरोप मढ़ते हुए दावा किया है कि तत्कालीन कैलारस रेंजर हिना खान, डिप्टी रेंजर कीर्ति शांडिल्य (कन्हार) और नवाब सिंह धाकड़ की कथित मिलीभगत से सैकड़ों बीघा क्षेत्र में फैले खैर के हरे-भरे पेड़ों को नेस्तनाबूद कर दिया गया। शिकायतकर्ता का यह भी कहना है कि जब उन्होंने इस काले कारोबार को उजागर करने के लिए सूचना के अधिकार (RTI) का सहारा लिया, तो उन्हें गुमराह करने का प्रयास किया गया।
कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ को सौंपी शिकायत, निष्पक्ष जांच का भरोसा
शिकायतकर्ता गौरव शर्मा के मुताबिक, उन्होंने इसी साल फरवरी महीने में आरटीआई (RTI) के तहत खैर के जंगलों की कटाई और उससे संबंधित स्वीकृतियों की जानकारी मांगी थी। वन विभाग ने नियमानुसार पारदर्शी जानकारी देने के बजाय मामले को दबाने और उन्हें भटकाने की कोशिश की। इसके बाद पीड़ित ने मुरैना डीएफओ (DFO) कार्यालय में भी सूचना के अधिकार के तहत आवेदन लगाया, लेकिन वहाँ से भी कोई संतोषजनक जवाब हाथ नहीं लगा। विभाग के टालमटोल रवैये से तंग आकर अब उन्होंने इस पूरे मामले की गूंज भोपाल तक पहुंचा दी है। हाल ही में गुरुवार को उन्होंने मुरैना कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ से सीधे मुलाकात कर एक औपचारिक शिकायती पत्र सौंपा, जिस पर संज्ञान लेते हुए कलेक्टर ने पूरे मामले की बारीकी से जांच कराने और दोषियों पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
पीएम के पर्यावरण संरक्षण संदेश की उड़ाई जा रही धज्जियां
शिकायतकर्ता ने वन अमले की कार्यप्रणाली पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि एक तरफ जहाँ देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वैश्विक स्तर पर पर्यावरण संरक्षण, पौधारोपण और 'एक पेड़ मां के नाम' जैसे अभियानों के जरिए हरियाली बढ़ाने का संदेश दे रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ जमीनी स्तर पर वन विभाग के कुछ जिम्मेदार अधिकारी निजी स्वार्थ और लालच में आकर जंगलों को साफ करवाने में तुले हैं। शिकायत में दावा किया गया है कि पहाड़गढ़ रेंज के सैकड़ों बीघा सरकारी जमीन पर माफियाओं की कुल्हाड़ी चली है और खैर के बेशकीमती पेड़ों की कटाई का यह अवैध खेल वर्तमान में भी बेखौफ जारी है।
डिप्टी रेंजर पर माफियाओं से सांठगांठ और आय से अधिक संपत्ति का आरोप
इस पूरे घटनाक्रम में कन्हार क्षेत्र में लंबे समय से जमे डिप्टी रेंजर कीर्ति शांडिल्य मुख्य रूप से शिकायतकर्ता के निशाने पर हैं। गौरव शर्मा ने आरोप लगाया है कि डिप्टी रेंजर की स्थानीय लकड़ी माफियाओं के साथ गहरी सांठगांठ है, जिसके संरक्षण में यह पूरा सिंडिकेट फल-फूल रहा है। इसके साथ ही उन्होंने मांग की है कि यदि उक्त वन अधिकारी की चल-अचल संपत्तियों की किसी निष्पक्ष और स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जाए, तो बड़े पैमाने पर आय से अधिक संपत्ति (ब्लैक मनी) का सनसनीखेज खुलासा हो सकता है।

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