मोहन भागवत ने मिडिल ईस्ट युद्ध पर जताई चिंता
मथुरा|वृंदावन के रुक्मिणी विहार में स्थित नव-निर्मित जीवनदीप आश्रम का भव्य लोकार्पण संघ प्रमुख मोहन भागवत ने किया। इस सर पर स्वामी यतिद्रानंद महाराज, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और कैबिनेट मंत्री लक्ष्मीनारायण चौधरी सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए मोहन भागवत ने कहा कि जीवन में आने वाले उतार-चढ़ावों और कठिनाइयों से घबराना नहीं चाहिए, बल्कि उनसे लड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि 'जीवन के थपेड़ों से लड़ना है, हारना नहीं।' आश्रमों को धर्म की शिक्षा का केंद्र बताते हुए उन्होंने कहा कि ये स्थान न केवल आध्यात्मिक ज्ञान प्रदान करते हैं, बल्कि भौतिक शरीर को ऊर्जावान, ओजस्वी और तेजस्वी बनाने में भी सहायक होते हैं।
मोहन भागवत ने विश्व में व्याप्त तनाव और कलह पर चिंता व्यक्त की। विशेष रूप से मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इस प्रकार की कलह से केवल नुकसान ही हो रहा है। उन्होंने बदले की भावना से किए जा रहे कार्यों को गलत ठहराया और शांति व सौहार्द का संदेश दिया।
संघ प्रमुख ने धर्मांतरण को रोकने में समाज की भूमिका पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह कार्य केवल कानून का ही नहीं, बल्कि समाज का भी है। उन्होंने घुसपैठियों को रोकने और बिना अनुमति देश में आकर रोजगार प्राप्त करने वाले विदेशियों के प्रति सजग रहने की आवश्यकता पर बल दिया।

राशिफल 26 जुलाई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
राहुल गांधी का बड़ा बयान: 'कॉकरोच आंदोलन' के बाद छात्रों पर हिंसा को लेकर सरकार पर निशाना
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर शरद पवार का बड़ा दावा, बोले- 'PM से बातचीत के बाद बदला घटनाक्रम'
'फोन छूने पर बेरहमी से पीटते थे', नौकरी दिलाने के नाम पर युवकों के साथ हुआ खौफनाक खेल
जिस सरकार ने कहा- इस्तीफे नहीं होते, उसी में 12 साल में कई बड़े नेताओं ने छोड़ा पद
दमिश्क हाईवे पर मौत का सफर: बस दुर्घटना में 35 यात्रियों की दर्दनाक मौत