NCAER की पूर्व प्रमुख पूनम गुप्ता अब रिज़र्व बैंक की नीति निर्माता बनीं
नई दिल्ली, 3 मई 2025 — अनुभवी अर्थशास्त्री डॉ. पूनम गुप्ता ने 2 मई 2025 को भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के डिप्टी गवर्नर के रूप में अपना कार्यभार संभाला। उन्हें तीन वर्षों के कार्यकाल के लिए नियुक्त किया गया है और वे मौद्रिक नीति विभाग सहित कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभालेंगी।
प्रमुख विभागों की जिम्मेदारी
डॉ. गुप्ता को निम्नलिखित विभागों का प्रभार सौंपा गया है:
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मौद्रिक नीति विभाग
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वित्तीय बाजार संचालन विभाग
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आर्थिक और नीति अनुसंधान विभाग
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वित्तीय स्थिरता विभाग
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अंतर्राष्ट्रीय विभाग
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सांख्यिकी और सूचना प्रबंधन विभाग
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कॉर्पोरेट रणनीति और बजट विभाग
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संचार विभाग
उनकी नियुक्ति के साथ ही RBI ने डिप्टी गवर्नरों के विभागों का पुनः आवंटन किया है।
मौद्रिक नीति समिति (MPC) में नई भूमिका
डॉ. गुप्ता अब RBI की छह-सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति (MPC) की सदस्य होंगी, जो देश की मौद्रिक नीति निर्धारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। वह माइकल पात्रा के स्थान पर नियुक्त हुई हैं, जिनका कार्यकाल जनवरी 2025 में समाप्त हुआ था।
व्यापक अनुभव और शैक्षणिक पृष्ठभूमि
RBI में शामिल होने से पहले, डॉ. गुप्ता ने नेशनल काउंसिल ऑफ एप्लाइड इकोनॉमिक रिसर्च (NCAER) की महानिदेशक के रूप में कार्य किया। वह प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद की सदस्य भी रही हैं। उन्होंने विश्व बैंक और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) में भी वरिष्ठ पदों पर कार्य किया है।
उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि में दिल्ली विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में स्नातक और परास्नातक डिग्री, तथा यूनिवर्सिटी ऑफ मैरीलैंड से अर्थशास्त्र में एम.ए. और पीएच.डी. शामिल हैं।
RBI में महिला नेतृत्व
डॉ. पूनम गुप्ता, RBI की डिप्टी गवर्नर बनने वाली चौथी महिला हैं, जो भारतीय केंद्रीय बैंक में महिला नेतृत्व को और सशक्त बनाती हैं।
उनकी नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब भारत की अर्थव्यवस्था वैश्विक चुनौतियों का सामना कर रही है, और मुद्रास्फीति दर RBI के 4% लक्ष्य के करीब है। उनके अनुभव और विशेषज्ञता से मौद्रिक नीति और आर्थिक स्थिरता के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान की अपेक्षा की जा रही है।

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