दिल्ली में खत्म हुई कुलियों की हड़ताल: आश्वासन के बाद नई दिल्ली स्टेशन पर लौटे काम पर
नई दिल्ली: नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर गुरुवार को कुलियों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया. इसके बाद स्टेशन डायरेक्टर के साथ बैठक के बाद कुलियों को आश्वासन मिला तब जाके वे काम पर लौटे. प्रदर्शन के चलते स्टेशन पर यात्रियों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ा. गुरुवार को प्लेटफार्म नंबर एक पर स्थित स्टेशन डायरेक्टर कार्यालय के बाहर सैकड़ों कुली इकट्ठा हुए और अपनी समस्याओं को लेकर प्रदर्शन किया. इस दौरान कुलियों के प्रतिनिधिमंडल ने स्टेशन डायरेक्टर से मुलाकात की और अपनी मांगों को रखा.
कुली समय मीणा ने बताया कि लंबे समय से कई फाइलें अधिकारियों के पास लंबित हैं, जिनका समाधान नहीं हो रहा. ऐसे में कुली परेशान हैं. वहीं, कुली कल्लू राम मीणा ने पेयजल और सुविधाओं की कमी की शिकायत की. उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि अधिकारियों में पक्षपात की भावना है और कुछ अधिकारी जानबूझकर शिकायतों को नजरअंदाज कर रहे हैं. इसको लेकर उन्होंने संबंधित अधिकारी के तबादले की मांग की.
मांगों को किया जा रहा अनदेखा: वहीं एक अन्य कुली फिरोज खान ने बताया कि पहाड़गंज की तरफ बने रेस्ट रूम की हालत बेहद खराब है. कुलियों के आराम के लिए बनाया गया यह कक्ष अब असामाजिक तत्वों का अड्डा बन चुका है. उन्होंने आरोप लगाया कि जब कुली इन लोगों को बाहर निकालते हैं, तो उल्टा पुलिस उनके खिलाफ कार्रवाई करती हैं. कुलियों ने कहा कि 15 फरवरी को भगदड़ के समय उन्होंने अपनी जान को जोखिम में डालकर सवारियों की सहायता की थी, लेकिन उसके बावजूद उनकी मांगों को अनदेखा जा रहा है.
मानसिक और आर्थिक संकट: उन्होंने कहा सबसे बड़ी चिंता का बिंदु 'बिल्ला नंबर ट्रांसफर' को लेने में है. मौजूदा नियमों के अनुसार, कोई भी बुजुर्ग कुली अपने बिल्ला नंबर को अपने बेटे या उत्तराधिकारी को हस्तांतरित कर सकता है, लेकिन अब यह प्रक्रिया वर्षों से जाम है. कई कुली पिछले तीन साल से इस प्रक्रिया के लिए संघर्ष कर रहे हैं. बिना बिल्ला नंबर के काम करने पर पुलिस की तरफ से कार्रवाई की जाती है, जिससे कुलियों को मानसिक और आर्थिक संकट का सामना करना पड़ता है.
दी फिर हड़ताल की चेतावनी: स्टेशन डायरेक्टर ने गुरुवार को प्रतिनिधियों से बातचीत के बाद समस्याओं के जल्द समाधान का भरोसा दिलाया, जिसके बाद कुलियों ने हड़ताल वापस ले ली और काम पर लौट गए. हालांकि, उन्होंने यह चेतावनी भी दी कि उनकी मांगों का समयबद्ध समाधान नहीं होगा तो वे फिर से हड़ताल कर सकते हैं. बिना देरी के जमीनी स्तर पर कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से लेकर समाधान किया जाए, जिससे स्टेशन पर सुचारू संचालन बना रहे.

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