शुष्क मौसम के बीच बारिश की आहट, अगले हफ्ते बदलेगा राजस्थान का मौसम
उत्तरी हवाओं के तेज प्रभाव के कारण राजस्थान में इस समय मौसम में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। दिन के समय धूप खिली रहने से लोगों को कुछ हद तक राहत मिल रही है लेकिन सुबह और शाम के समय तेजी से बढ़ती ठंड लोगों को कंपकंपाने लगी है। टोंक में भी तापमान में तेजी से गिरावट दर्ज की जा रही है जिसके चलते आमजन को अब कड़ाके की सर्दी का अहसास होने लगा है।
मौसम विभाग ने प्रदेश में अगले 4 से 5 दिनों तक मौसम पूरी तरह शुष्क रहने की संभावना जताई है लेकिन साथ ही सर्दी में और अधिक बढ़ोतरी होने की चेतावनी भी दी है। इसी के चलते अगले 48 घंटों के लिए शीतलहर का येलो अलर्ट जारी किया गया है। शीतलहर के बाद प्रदेश में बारिश की संभावना भी बनी हुई है जिससे मौसम में एक बार फिर बदलाव देखने को मिल सकता है।
राजस्थान के अधिकांश इलाकों में न्यूनतम तापमान लगातार नीचे जा रहा है। वर्तमान में तापमान 5 से 13 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जा रहा है जो सामान्य तापमान से लगभग 3 से 4 डिग्री कम है।
प्रदेश में सबसे कम सीकर जिले के फतेहपुर में न्यूनतम तापमान 5.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया। तापमान में गिरावट को देखते हुए मौसम विभाग ने टोंक, सीकर और नागौर जिलों के लिए शीतलहर का येलो अलर्ट जारी किया है जिससे इन क्षेत्रों में ठंड और तेज होने की संभावना है।
बारिश का भी आया अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार आज राजस्थान के अधिकांश भागों में आसमान साफ रहने और मौसम शुष्क रहने की प्रबल संभावना है। वहीं 3 जिलों (टोंक, सीकर और नागौर) में शीतलहर का येलो अलर्ट जारी किया है।
15 नवंबर को भी आसमान साफ रहने और मौसम शुष्क रहने की प्रबल संभावना है। वहीं 3 जिलों (टोंक, सीकर और नागौर) में शीतलहर का येलो अलर्ट भी दिया है।
16 नवंबर से 20 नवंबर तक आसमान साफ रहने और मौसम शुष्क रहने की प्रबल संभावना है।
वहीं 21 नवंबर से 27 नवंबर तक हल्की बारिश की संभावना जताई है।

नक्सल मुक्त क्षेत्र में विकास की सौगात : साहेबिन कछार में गिरधर सोरी और जुगसाय गोड को मिला जीवन का नया सहारा
‘बिहान’ योजना से बदल रही ग्रामीण महिलाओं की तस्वीर, बिलासो बाई बनीं ‘लखपति दीदी’
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्रद्धेय बृजमोहन मिश्रा की जयंती पर पुष्पांजलि अर्पित की
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कृषि मंत्री के निवास पर पहुंचकर वर-वधू को दिया आशीर्वाद
कृषि मंत्री नेताम ने मिट्टी एवं बीजों की पूजा की और ट्रैक्टर चलाकर बीजों की बुआई की
महतारी वंदन योजना से मिली नई दिशा, प्रेम बाई बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल
जल गंगा संवर्धन अभियान से जल संरक्षण की दिशा में हुआ अभूतपूर्व कार्य
पानी बचाना हमारी जरूरत भी है और जिम्मेदारी भी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
जल जीवन मिशन से ग्राम बंधी की बदली तस्वीर