संत रविदास ने समाज को एकसूत्र में पिरोयाः पदम् सिंह
अलीगढ़। संत रविदास ने समाज को विषम परिस्थितियों में भी एकसूत्र में पिरोकर रखा। जब मुगलों के अत्याचार ने सारी सीमाएं लांघ दी तब उन्होंने भक्ति मार्ग के माध्यम से समाज को मजबूत बनाए रखा। दबाव पड़ने पर भी उन्होंने इस्लाम स्वीकार नहीं किया। मीराबाई को भक्ति से जोड़कर उनके आत्मविश्वास को डिगने नहीं दिया। यह बातें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र प्रचार प्रमुख पदम् सिंह ने मथुरा रोड पर सिंघारपुर स्थित केशव सेवा धाम में आयोजित संवाद कार्यक्रम में कही। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ संत रविदास जी के 650 वें प्राकट्य दिवस पर उनके जीवन दर्शन को समाज तक ले जाएगा। संत रविदास ने अपने कार्य को महत्व दिया और समाज को जोड़ने का कार्य किया। जूता सिलने के साथ ईश्वर की भक्ति से जुड़ें रहें। इसलिए राजवाड़े परिवार की होने के बाद भी मीराबाई ने संत रविदास को अपना गुरु माना। क्षेत्र प्रचार प्रमुख पदम् सिंह ने कहा कि संत रविदास से हमें सीखना चाहिए, परिस्थितियां भले ही विपरीत हों मगर सकारात्मक भाव नहीं छोड़ना चाहिए। एक दिन निश्चित परिणाम आएगा। प्रचार विभाग टोली बनाकर कार्य करता है तो उसके परिणाम बेहतर होगा । हमें सकारात्मक कंटेंट को अधिक से अधिक प्रसारित करना चाहिए, जिससे देश मजबूत रहे। वर्तमान में कई अराजक शक्तियां देश को तोड़ने में लगी हुईं है, इसलिए वर्तमान में सकारात्मक सोच वाली विचारधारा बहुत जरूरी है। विभाग कार्यवाह योगेश आर्य ने कार्यकताओं से परिचय प्राप्त किया। विभाग प्रचार प्रभुख भूपेंद्र शर्मा ने परिचय कराया और आभार जताया। इस मौके पर विभाग सह प्रचार प्रमुख राज नारायण सिंह, महानगर प्रचार प्रमुख दलवीर सिंह, अरविंद तोमर, राहुल चपौटा, ललित वार्ष्णेय, दीपक कश्यप, संदीप शर्मा, शशांक, मनीष आदि मौजूद थे।

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