जामिया में सीएए के खिलाफ छात्रों का प्रदर्शन
नई दिल्ली । केंद्र सरकार द्वारा देश में सीएए लागू होने के बाद राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में छात्रों ने मंगलवार को विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया, जिसके चलते पुलिस बल भी मौके पर पहुंच गया। सुरक्षा के चलते भारी संख्या में अर्द्ध सैनिक बल और पुलिस बल को तैनात किया गया है। सीएए लागू होने के बाद से दिल्ली पुलिस संवेदनशील इलाकों में तैनात है। पिछली बार सीएए-एनआरसी के खिलाफ हुए प्रदर्शन वाले स्थान शाहीन बाग में भी पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी है। जामिया का गेट नंबर सात बंद कर दिया गया है। साथ ही ड्रोन से भी निगरानी की जा रही है। शाहीन बाग और जामिया एक ही स्थान पर है। संवेदनशील इलाका होने और छात्रों के विरोध प्रदर्शन के चलते अतिरिक्त पुलिस बल बुला लिया गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने नागरिकता (संशोधन) अधिनियम 2019 यानी सीएए के लिए अधिसूचना जारी कर दी है। इसके साथ ही सीएए कानून देशभर में लागू हो गया है। सीएए को नागरिकता संशोधन कानून कहा जाता है। इससे पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए गैर-मुस्लिम शरणार्थियों को नागरिकता मिलने का रास्ता साफ हो गया है। सीएए नियम जारी होने के बाद जो लोग बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान से 31 दिसंबर 2014 तक भारत आए थे केवल उन्हें ही केंद्र सरकार द्वारा भारतीय राष्ट्रीयता दी जाएगी। सीएए में छह गैर-मुस्लिम समुदायों हिंदू, सिख, ईसाई, जैन, बौद्ध और पारसी शामिल हैं। इन्हें केवल भारतीय नागरिकता तब ही मिल सकती है, जब इन्होंने 31 दिसंबर 2014 को या उससे पहले भारत में शरण ली हो।

राशिफल: जानिए, कैसा रहेगा आपका आज का दिन (18 फ़रवरी 2026)
योग से सशक्त होगा युवा वर्ग, शिक्षा के साथ स्वास्थ्य भी आवश्यक :रूपनारायण सिन्हा
सरगुजा जिले में पीएम आवास निर्माण ने पकड़ी रफ्तार
छत्तीसगढ़: नक्सल छाया से पर्यटन हब तक की शानदार यात्रा
श्रमिक जन संवाद/श्रमिक सम्मेलन का हुआ आयोजन
मुद्रा लोन से साकार हुआ सपना, बुढाडांड की प्रीति गुप्ता बनीं लखपति दीदी
बड़वानी जिले को एक्सपोर्ट हब के रूप में विकसित करने के लिये कृषि उन्नयन संवाद का हुआ आयोजन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव कुलैथ में बुधवार को कृषक कल्याण वर्ष के पहले किसान सम्मेलन का करेंगे शुभारंभ
हरदा के डायल-112 हीरोज: सूझबूझ और साहस से टली बड़ी दुर्घटना
विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर कोचिंग संस्थानों के लिए नए नियमों पर मंथन