अध्यक्षीय भाषण के दौरान हंगामा, छात्रसंघ चुनाव में बढ़ा राजनीतिक तापमान
पटना। विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव का प्रचार गुरूवार को थम गया। इससे पहले अध्यक्षीय भाषण पटना साइंस कॉलेज परिसर में हुआ, जिसमें खूब हंगामा भी हुआ। हंगामा उस समय हुआ जब अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की अध्यक्ष पद की उम्मीदवार मंच पर से अपना अध्यक्षीय भाषण दे रही थी।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद उम्मीदवार का जमकर हुआ विरोध
दरअसल अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की अध्यक्ष पद की उम्मीदवार अनुष्का मंच पर अपना संबोधन देने पहुंचीं। लेकिन जैसे ही उन्होंने बोलना शुरू किया, विपक्षी गुटों के समर्थकों ने उनके खिलाफ नारेबाजी करनी शुरू कर दी। मंच के नीचे खड़े छात्र एवीभीपी गो बैक-एवीभीपी गो बैक के नारे लगाने लगे। कुछ छात्र आंचल जिंदाबाद के नारे लगा रहे थे। विरोध करने वालों में अध्यक्ष पद के उम्मीदवार आंचल और जदयू के समर्थक छात्र थे।
कौन हैं आंचल और क्यों बने निर्दलीय उम्मीदवार ?
दरअसल आंचल नॉमिनेशन फाइल करने से पहले तक अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पुराने नेता थे, लेकिन नाम घोषित होने के साथ ही उन्होंने अखिल भारतीय परिषद से अलग होकर निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी। हालांकि इस बीच संगठन के वरीय नेताओं के द्वारा मामले को सामान्य करने की कोशिश की गई, लेकिन बात बनी नहीं। इस संबंध में 'अमर उजाला' ने निर्दलीय उम्मीदवार आंचल से बातचीत की। बातचीत के दौरान उन्होंने संघ पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि संगठन के कुछ अधिकारियों को खुद पर अहंकार हो गया था। इस वजह से उनलोगों ने नॉमिनेशन मेरे साथ किया लेकिन जब प्रेस रिलीज जारी हुआ तो उसमें नाम किसी अन्य लड़की का था। उन्होंने कहा कि इस लड़की को न तो कैंपस का कोई छात्र या छात्रा जानती-पहचानती है और न संगठन के लोग उसको पहचानते हैं। यहां तक कि मैं भी उसे नहीं पहचानता था। अचानक उसका नाम सामने आने के बाद मैंने इसकी पड़ताल करनी शुरू कर दी। तब पता चला कि अनुष्का उसका नाम है और पीडब्लूसी की छात्रा है। इससे ज्यादा मैं उसके बारे में कुछ भी नहीं जानता हूं। आंचल ने आरोप लगाते हुए कहा कि मेरे निर्दलीय लड़ने के पीछे का एक कारण संघ के द्वारा टिकट बेचना भी है। आँचल ने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर केन्द्रीय संगठन मंत्री राघव शुक्ला का टिकट में हस्तक्षेप क्यों है? उन्होंने कहा कि या तो इसका जवाब क्षेत्रीय संगठन मंत्री राघव शुक्ला दें या फिर संगठन मंत्री। यह दोनों बताएं कि आखिर उन्होंने ऐसा क्यों किया? आंचल ने यह भी आरोप लगाया कि कल पीडब्लूसी को रुपयों का बंडल दिया गया है, ताकि गुपचुप, चाट, छोला, समोसा फ्री किया जा सके। उन्होंने दावा करते हुए कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् का कोडर वोट मेरे समर्थन में है, इसलिए मेरी जीत सुनिश्चित है। छात्र छात्राएं मेरे साथ हैं।
अनुष्का के आरोप पर दिया जवाब
आंचल से जब यह सवाल पूछा गया कि अनुष्का ने सोशल मीडिया को लेकर काफी गंभीर आरोप लगाए थे, इस पर आंचल ने जवाब देते हुए कहा कि यह सब झूठ बात है। इन बातों में कोई सच्चाई नहीं है। यह सिर्फ सहानुभूति लेने के लिए ऐसा किया गया था, ताकि उसे छात्रों का सहानुभूति वोट मिल सके, जैसा कि पिछले चुनाव में सलोनी राज ने ऐसा किया था। आंचल ने कहा कि सलोनी राज के आरोपों में सच्चाई थी, और इसलिए सलोनी राज ने विरोधियों को खुले तौर पर कहा था कि हिम्मत है तो आकर मेरे मुंह में गोली मार दो।
जानिए मतदान से परिणाम तक का रूटीन
पटना विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव का प्रचार गुरुवार को शाम पांच बजे समाप्त हो गया। मतदान 28 फरवरी को सुबह 8.30 से दोपहर 2.30 बजे तक होगा, जबकि मतों की गिनती शाम 4.30 से शुरू होगी और 28 फरवरी को ही देर रात तक परिणाम भी जारी कर दिया जाएगा।

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